भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन छाई हरियाली | Indian stock market remains green for the second consecutive day

Published on 6 अक्टू॰ 2026

मुंबई, पिछले सप्ताह चारों सत्रों में भारी गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में पिछले दो सत्रों से लगातार जोरदार खरीदारी देखने को मिल रही है। इस बीच आरबीआई एमपीसी की बैठक के नतीजों से पहले मंगलवार को लगातार दूसरे दिन घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों, बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50, में अच्छी बढ़त दर्ज की गई और इनमें करीब 1 प्रतिशत की तेजी आई।

बाजार बंद होने के समय, सेंसेक्स 685.34 अंक यानी 0.95 प्रतिशत बढ़कर 73,067.81 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी50 220.35 अंक यानी 0.98 प्रतिशत बढ़कर 22,776.10 पर पहुंच गया।

निफ्टी50 इंडेक्स में ट्रेंट, बीएसई, कोटक महिंद्रा बैंक, नेस्ले इंडिया और एचयूएल के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई, जबकि इसके विपरीत कोल इंडिया, टेक महिंद्रा, मैक्स हेल्थ, टीएमपीवी, अल्ट्रा टेक सीमेंट, अपोलो हॉस्पिटल और आईटीसी के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।

व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप में क्रमशः 1.08 प्रतिशत और 1.56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

वहीं सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी केमिकल, निफ्टी फार्मा, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी हेल्थकेयर में सबसे ज्यादा यानी 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखी गई, जबकि निफ्टी आईटी, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी पीएसयू बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

बता दें कि बीएसई सेंसेक्स इस सप्ताह 1,000 से अधिक अंक चढ़ा है, जबकि निफ्टी 50 सूचकांक ने पिछले दो सत्रों में 300 से अधिक अंक जोड़े हैं। सोमवार से आरबीआई एमपीसी की तीन दिवसीय बैठक शुरू हो गई है और इसका अंतिम परिणाम कल यानी 7 अक्टूबर को आने वाला है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

आरबीआई एमपीसी की बैठक के नतीजों से पहले भारतीय शेयर बाजार में लगातार हो रही तेजी का संबंध कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से हो सकता है। हाल ही में आई तेजी के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है। यह तेजी कुछ मध्य पूर्वी देशों द्वारा कच्चे तेल की नई आपूर्ति शुरू करने के बाद संभव हुई थी।

एक मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि ग्लोबल संकेतों से सपोर्ट मिलने के कारण मार्केट में लगातार दूसरे सेशन में बढ़त देखी गई।

एक्सपर्ट के मुताबिक, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में सुधार देखने को मिली। मंगलवार को अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में 0.50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई।