मोहाली के सेक्टर-115 स्थित दारा इनक्लेव सोसाइटी के पास RWA चुनाव की रंजिश को लेकर रिटायर्ड पुलिस अफसर और सोसाइटी के निर्वाचित प्रधान बलराज सिंह (62) पर हमला करने का मामला सामने आया है। हमलावरों ने बलराज सिंह और उनके साथ स्कूटर पर जा रहे दोस्त शशिकांत
.
पोती के जन्मदिन का सामान लेने निकले थे
पुलिस को दी शिकायत में JTPL सिटी, सेक्टर-115 निवासी रिटायर्ड पुलिस अफसर बलराज सिंह ने बताया कि 25 अगस्त 2026 की शाम करीब 7:30 बजे वह अपनी पोती के जन्मदिन का सामान लेने के लिए स्कूटर से निकले थे। उनके दोस्त शशिकांत भी उनके साथ बैठे थे।
जब दोनों दारा इनक्लेव के गेट के पास पहुंचे तो डंडे लिए 2 युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। शिकायत के मुताबिक, इनमें एक युवक की लंबाई करीब 6 फीट और दूसरे की करीब 5 फीट थी। 6 फीट लंबे युवक ने चलते स्कूटर पर ही बलराज सिंह पर डंडे से हमला कर दिया। डंडा उनकी दाहिनी बांह पर लगा।
स्कूटर भगाया तो दोस्त हुआ घायल
बलराज सिंह ने बताया कि हमले के बाद उन्होंने स्कूटर की रफ्तार बढ़ा दी। इसी दौरान पीछे बैठे शशिकांत स्कूटर से नीचे गिर गए। आरोप है कि इसके बाद दोनों हमलावरों ने जमीन पर पड़े शशिकांत पर डंडों से हमला कर दिया।
शशिकांत के चिल्लाने और आसपास के लोगों के मौके पर पहुंचने पर दोनों आरोपी एक्टिवा से बडाला की तरफ फरार हो गए।

घायल पुलिस अधिकारी जानकारी देते हुए।
दोनों को अस्पताल में कराया भर्ती
हमले में घायल बलराज सिंह और शशिकांत को सिविल अस्पताल खरड़ ले जाया गया। वहां से डॉक्टरों ने दोनों को फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज के बाद बलराज सिंह को 26 अगस्त और शशिकांत को 27 अगस्त को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
RWA के री-इलेक्शन को लेकर चल रहा था विवाद
बलराज सिंह के मुताबिक, सोसाइटी में RWA के दोबारा चुनाव कराने को लेकर विवाद चल रहा है। 16 अगस्त को हुई GBM बैठक में भी इस मुद्दे को लेकर पुरानी कमेटी के सदस्यों के साथ गाली-गलौज हुई थी। उनका आरोप है कि री-इलेक्शन का मुद्दा उठाने की पुरानी रंजिश के चलते ही उन पर हमला किया गया।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
मामले की जांच कर रहे हेड कांस्टेबल बिट्टू सिंह ने बताया कि पीड़ित के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर BNS की धारा 115(2), 126(2), 351(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पहचान होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जाएगी। चालीस दिन बाद दर्ज हुआ केस
रिटायर्ड पुलिस अफसर का आरोप है कि वारदात के करीब 40 दिन बाद पुलिस ने केस दर्ज किया। केस दर्ज कराने के लिए उन्हें थाने के कई चक्कर काटने पड़े, जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर विचार किया जाना चाहिए।