Aurangabad News: बिहार में औरंगाबाद जिले के रफीगंज के कासमा थाना क्षेत्र स्थित मियांबिगहा गांव में पारिवारिक विवाद के बीच घर में आग लगने से बड़ा हादसा हो गया. आग की चपेट में आने से तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए. इनमें पिता और बेटी की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि एक अन्य बेटी गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज गया के मगध मेडिकल अस्पताल में चल रहा है. घटना के बाद गांव में तनाव और मातम का माहौल है.
घटना की सूचना मिलते ही कासमा थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची. दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. पुलिस ने आग में झुलसे तीनों लोगों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. उनकी हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने सभी को सदर अस्पताल, औरंगाबाद रेफर कर दिया.
सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को बेहतर इलाज के लिए गया स्थित मगध मेडिकल अस्पताल भेजा गया. इलाज के दौरान सलीम और उनकी बेटी आफरीन ने दम तोड़ दिया. वहीं दूसरी बेटी चांदनी गंभीर रूप से घायल बताई जा रही है और उसका इलाज जारी है.
क्या था विवाद?
ग्रामीणों के मुताबिक, आफरीन और चांदनी पिछले करीब पांच-छह वर्षों से अपने फूफा मोहम्मद सलीम के घर रह रही थीं. बताया जा रहा है कि दोनों सलीम के साले की बेटियां थीं और वह उनकी देखभाल कर रहे थे. इसी बात को लेकर सलीम और उनके बड़े बेटे इश्तेखार के बीच लंबे समय से विवाद चलने की बात सामने आई है.
ग्रामीण शदाब आलम ने आरोप लगाया कि पारिवारिक कलह के चलते इश्तेखार ने ही घर में आग लगाई. हालांकि यह आरोप फिलहाल पुलिस जांच का विषय है. पुलिस ने किसी आरोपी के खिलाफ आरोप को अंतिम रूप से सही नहीं माना है.
पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. आग किन परिस्थितियों में लगी, क्या यह दुर्घटना थी या जानबूझकर आग लगाने की घटना, इन सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. पुलिस परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है. पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह और जिम्मेदार व्यक्ति के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी. फिलहाल आग में दो लोगों की मौत और एक के गंभीर रूप से घायल होने से गांव में शोक का माहौल है.

रूपेश कुमार
लेखक TV9 भारतवर्ष में बिहार और झारखंड के ब्यूरो हेड हैं. इसके पहले वर्षों तक न्यूज़18 में काम किया है. लगभग तीन दशक से टीवी पत्रकारिता में फील्ड, डेस्क और वर्षों तक एंकरिंग भी करते रहे हैं.
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