कनाडा में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी: पावन स्वरूप को कार की डिक्की में रखा, पास पड़े थे जूते-चप्पल; सिख संगत भड़की - Jalandhar News

Published on 24 सित॰ 2026

कनाडा के सरी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप की बेअदबी की गई। जानकारी के मुताबिक कुछ समय पहले भारत से कनाडा 225 पावन स्वरूप गुरु सिंह सभा सरी वालों के जरिए भेजे गए थे। यहां पर ये पावन स्वरूप अलग-अलग गुरुद्वारों में विराजमान किए जाने थे।

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एक पावन स्वरूप सरी के गुरुद्वारा सिंह सभा के यहां से टोरंटो के लिए भेजा जाना था। इसे गाड़ी की डिक्की में रख दिया गया। जिस गाड़ी का इस्तेमाल किया, उसकी डिक्की में जूतें-चप्प्लें भी थीं। इसके साथ ही न तो पांच प्यारों को बुलाया गया और न ही पावन स्वरूप पर चंदोआ साहिब ओढ़ाया गया।

सिख संगत ने मांग की कि गुरु साहिब की बेअदबी के लिए गुरुद्वारा की मैनेजमेंट कमेटी के खिलाफ एसजीपीसी को एक्शन लेना चाहिए और पूरे मामले की जांच करवाई जानी चाहिए।। घटना के विरोध में सिख संगत ने सड़क पर प्रदर्शन किया। मामला सरी के 132 स्ट्रीट स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा से जुड़ा है। इसको लेकर यहां 3 दिन से संगत धरना दे रही है।

कार की डिक्की में सुख आसन लगाने का विरोध करती सिख संगत।

कार की डिक्की में सुख आसन लगाने का विरोध करती सिख संगत।

पावन स्वरूप को टोरंटो भेजा जा रहा था 21 सितंबर को कनाडा के सरी स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप को टोरंटो भेजा जा रहा था। इस दौरान पावन स्वरूप को गाड़ी की डिक्की में रखा जा रहा था, तभी सिख संगत मौके पर पहुंच गई।

मौके पर पहुंची संगत ने देखा तो जताया विरोध सरी में रहने वाले सरबत ढिल्लों ने कहा कि गुरुद्वारा प्रबंधकों द्वारा पावन स्वरूप को मर्यादा के अनुसार ले जाने के बजाय कार की डिग्गी में बंद किया जा रहा था। मौके पर पहुंचे जत्थे के निहंगों और संगत ने जब इसका कड़ा विरोध किया और गाड़ी की जांच की, तो हालात देखकर सभी हैरान रह गए।

सरबत ने कहा कि कार के अंदर जूते-चप्पल और अन्य सामान बिखरा था और बिना किसी मर्यादा के गुरु साहिब का आसन नीचे ही लगाया गया था। न तो सिर पर चंवर साहिब या चंदोआ साहिब की व्यवस्था थी और न ही गुरु साहिब की अगवानी के लिए पांच प्यारे मौजूद थे।

सरी स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा के बाहर सिख संगत ने प्रदर्श किया।

सरी स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा के बाहर सिख संगत ने प्रदर्श किया।

मर्यादा न मानने वालों को गुरु घर से बाहर करने की मां संगत ने मांग की है कि अगर प्रबंधकों में थोड़ी सा भी श्रद्धाभाव होता तो वे गुरु साहिब को इस तरह गाड़ी की डिग्गी में बंद करने के बजाय एक सुंदर पालकी साहिब सजाते और पांच प्यारों की अगुवाई व मर्यादा के साथ रवाना करते। गुरु ग्रंथ साहिब जी का इस तरह निरादर करना शर्मनाक और असहनीय है। ऐसे लोगों को गुरु घर की सेवा से तुरंत अलग किया जाना चाहिए।

मर्यादा के उल्लंघन और कमेटी पर श्री अकाल तख्त साहिब के नाम से पेज चला रहे ज्ञानी तेजबीर सिंह ने कार्रवाई की मांग की।

मर्यादा के उल्लंघन और कमेटी पर श्री अकाल तख्त साहिब के नाम से पेज चला रहे ज्ञानी तेजबीर सिंह ने कार्रवाई की मांग की।

निहंग का विरोध-प्रिंटिंग प्रैस में भी सिख रहत मर्यादा वाली लेबर नहीं इंस्टाग्राम पर श्री अकाल तख्त साहिब के नाम से पेज चला रहे ज्ञानी तेजबीर सिंह ने आरोप लगाया कि SGPC के कई सदस्य और जिम्मेदार लोग स्वयं 'बजर कुरहितों' (मर्यादा के बड़े उल्लंघनों) में लिप्त होकर पूरी दुनिया के सामने बेनकाब हो रहे हैं और पंथ को नुकसान पहुंचा रहे हैं। श्री रामसर साहिब स्थित प्रेस में गैर-सिख या दिहाड़ीदार कर्मचारियों को छपाई के काम में लगाया गया है। श्री गोइंदवाल साहिब में पावन स्वरूपों को लगातार अगन भेंट करने की प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा गया है कि यह प्रशासनिक नाकामियों का ही नतीजा है।

गुरुद्वारा सिंह सभा कमेटी को संगत से माफी मांगनी चाहिए उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि सरी के गुरुद्वारा सिंह सभा को ही अपनी इन गलतियों पर तुरंत विचार करना चाहिए और संगत से माफी मांगनी चाहिए। यदि भविष्य में गुरु ग्रंथ साहिब जी की मर्यादा और सत्कार के प्रति ऐसी लापरवाही बरती गई, तो पंथ इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।

ज्ञानी तेजबीर सिंह ने 'पाप कमावदे तेरा कोई न बेली राम' की तुक का हवाला देते हुए प्रबंधकों को सचेत किया गया है कि वे समय रहते सम्भल जाएं और मर्यादा के अनुसार ही अपनी सेवाएं निभाएं, ताकि गुरु साहिब उन्हें सद्बुद्धि दे सकें।