फाइबर केवल स्वास्थ्य की नयी सनक नहीं, अच्छी सेहत के लिए है जरूरी

Published on 24 सित॰ 2026

( ज्यां ल्यू, बोस्टन यूनिवर्सिटी )

बोस्टन, 24 सितंबर (द कन्वरसेशन) अमेरिकी लोगों के आहार में फाइबर की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। शोधों से लगातार पता चला है कि अधिक फाइबर वाला आहार हृदय रोग और कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को कम करने के साथ-साथ गठिया के लक्षणों में भी सुधार कर सकता है।

इन फायदों के बावजूद आम अमेरिकी आहार में फाइबर की कमी बनी हुई है। महिलाओं के लिए रोजाना 25 ग्राम और पुरुषों के लिए 38 ग्राम फाइबर लेने की सलाह दी जाती है। 2013 से 2018 के बीच केवल चार प्रतिशत अमेरिकी वयस्क ही फाइबर की इस मात्रा को पूरा कर पाए। औसतन लोग रोज करीब 16 ग्राम फाइबर ही लेते हैं।

फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों या फाइबर सप्लीमेंट के जरिये इसका सेवन बढ़ाना अब स्वास्थ्य से जुड़ा एक लोकप्रिय चलन बन गया है। हालांकि, 2025 के अमेरिकी आहार दिशानिर्देशों में फाइबर की भूमिका को लेकर कुछ भ्रम पैदा हुआ है, क्योंकि इसमें अधिक फाइबर वाले साबुत अनाज को खाद्य पिरामिड में सबसे छोटे हिस्से में रखा गया है। वहीं लिखित दिशानिर्देश अब भी साबुत अनाज के महत्व को रेखांकित करते हैं।

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—– फाइबर क्या है और इसके फायदे क्या हैं? —–

आहार फाइबर ऐसे कार्बोहाइड्रेट होते हैं जिन्हें शरीर पचा नहीं पाता। कई प्राकृतिक खाद्य पदार्थों में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। रसभरी, एवोकाडो, ओट्स, अन्य साबुत अनाज और दालें इसके अच्छे स्रोत हैं।

फाइबर सप्लीमेंट में इसबगोल भी शामिल है, जो प्लांटैगो ओवाटा नामक पौधे से मिलता है। इसके अलावा इनुलिन जैसे फाइबर अब कई खाद्य उत्पादों में भी मिलाए जा रहे हैं।

सभी तरह के फाइबर एक जैसे नहीं होते। इसबगोल पानी में मिलकर जेल जैसा बन जाता है, जिससे पेट भरा हुआ महसूस होता है। यह कोलेस्ट्रॉल और रक्त शर्करा के स्तर को कम करने, रक्तचाप सुधारने, थोड़ा वजन घटाने और मल त्याग को नियमित करने में मदद कर सकता है।

कुछ फाइबर आंतों में मौजूद बैक्टीरिया द्वारा पचाए जाते हैं। ये बैक्टीरिया ऐसे प्रोटीन बनाते हैं जो शरीर में सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अलग-अलग स्रोतों से फाइबर लेना बेहतर है, क्योंकि इससे एंटीऑक्सीडेंट जैसे अन्य पोषक तत्व भी मिलते हैं।

—– फाइबर और प्रोबायोटिक्स में अंतर —–

प्रोबायोटिक्स भी आंतों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। दही, किमची और सॉरक्रॉट जैसे किण्वित खाद्य पदार्थों में जीवित सूक्ष्मजीव होते हैं, जिन्हें प्रोबायोटिक्स कहा जाता है।

विशेषज्ञ के अनुसार, फाइबर आंतों के अच्छे बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करता है, जबकि प्रोबायोटिक्स आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाते हैं।

2021 के एक छोटे अध्ययन में पाया गया कि अधिक फाइबर लेने वाले लोगों के आंतों के बैक्टीरिया फाइबर को तोड़ने वाले एंजाइम बनाने में अधिक सक्रिय थे। वहीं, अधिक किण्वित खाद्य पदार्थ लेने वालों में बैक्टीरिया की विविधता अधिक थी और शरीर में सूजन का स्तर कम था।

अध्ययन के अनुसार, फाइबर और किण्वित खाद्य पदार्थों को साथ लेने से आंतों के स्वास्थ्य को अधिक लाभ मिल सकता है।

—– फाइबर की मात्रा कैसे बढ़ाएं? —–

विशेषज्ञों का कहना है कि फाइबर का सेवन धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए, ताकि शरीर को इसकी आदत हो सके। साथ ही पर्याप्त पानी पीना जरूरी है, क्योंकि फाइबर के बेहतर काम करने के लिए पानी की जरूरत होती है।

कुछ लोगों के लिए बेरीज जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ महंगे हो सकते हैं, जबकि इनुलिन जैसे कुछ फाइबर से पेट फूलने या असहजता की समस्या हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, फाइबर बढ़ाने का कोई एक तरीका सभी लोगों के लिए सही नहीं हो सकता। कुछ लोग केवल प्राकृतिक खाद्य पदार्थों से पर्याप्त फाइबर ले सकते हैं, जबकि कुछ को सप्लीमेंट या फाइबर युक्त उत्पादों की जरूरत पड़ सकती है।

—– फाइबर के लाभों पर अभी और शोध की जरूरत —–

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह समझने के लिए और शोध की जरूरत है कि कौन से फाइबर, कितनी मात्रा में और किस संयोजन में स्वास्थ्य के लिए सबसे अधिक फायदेमंद हैं।

हालांकि फाइबर पर कई छोटे अध्ययन हुए हैं, लेकिन वे इतने बड़े या व्यापक नहीं हैं कि उनके आधार पर सभी लोगों के लिए निश्चित दिशानिर्देश बनाए जा सकें।

विशेषज्ञों के अनुसार, फाइबर के कई फायदे पहले ही साबित हो चुके हैं। अब जरूरत लोगों को इसके बारे में जागरूक करने और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को अधिक सुलभ और किफायती बनाने की है।

द कन्वरसेशन मनीषा नरेश

नरेश