राम गोपाल यादव का इस बार राज्यसभा से कटेगा पत्ता? चुनाव लड़ने पर क्या बोले सपा नेता
Ram Gopal Yadav: राज्य सभा में सपा कोटे से एक सांसद रामगोपाल यादव रिटायर होने जा रहे हैं. उनके दोबार चुनाव लड़ने की चर्चा शुरू हो गई थी. अब राम गोपाल यादव ने खुद इस मामले में खुद बयान दिया है.
Ram Gopal Yadav: राज्य सभा में सपा कोटे से एक सांसद रामगोपाल यादव रिटायर होने जा रहे हैं. उनके दोबार चुनाव लड़ने की चर्चा शुरू हो गई थी. अब राम गोपाल यादव ने खुद इस मामले में खुद बयान दिया है.
![]()
New Update
/newsnation/media/media_files/2026/09/23/ram-gopal-yadav-contest-rajya-sabha-election-2026-09-23-07-57-35.jpg)
Ram Gopal Yadav
Ram Gopal Yadav: यूपी में विधान सभा चुनाव से पहले राज्य सभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. चुनाव आयोग ने यूपी की 10 सीटों के लिए राज्य सभा चुनाव का एलान कर दिया है. सपा कोटे से एक राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव रिटायर होने जा रहे हैं. उनके दोबार चुनाव लड़ने की चर्चा शुरू हो गई थी. अब राम गोपाल यादव ने खुद इस मामले में खुद बयान दिया है.
चुनाव आयोग ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में होने वाले राज्यसभा चुनावों और उपचुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया. चुनाव आयोग के मुताबिक, राज्यसभा की 11 सीटों के लिए चुनाव होंगे. इनमें उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की 1 सीट शामिल है. समाजवादी पार्टी (एसपी) के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने उत्तर प्रदेश से आगामी द्विवार्षिक राज्यसभा चुनावों में चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है. राज्यसभा सांसद यादव ने ANI को बताया कि अगर पार्टी उन्हें टिकट देती है तो वह चुनाव लड़ेंगे.
#WATCH | Delhi: On the biennial polls to the Rajya Sabha, Samajwadi Party MP Ram Gopal Yadav says, "Based on that quota, the Samajwadi Party will field as many candidates as possible, and the BJP will field as many as it can. Parties know exactly how many seats they can win, so… pic.twitter.com/J9Iu9s1LDd
— ANI (@ANI) September 22, 2026
बीजेपी से ज्यादा उम्मीदवार उतारने का दावा
जब उनसे पूछा गया कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में कितने उम्मीदवार उतारेगी, तो उन्होंने कहा कि पार्टियां अपने पास मौजूद संख्या के आधार पर राज्यसभा उम्मीदवारों की संख्या तय करती हैं. राम गोपाल यादव ने कहा कि उस कोटे के आधार पर, समाजवादी पार्टी यथासंभव अधिक से अधिक उम्मीदवार उतारेगी और भाजपा भी यथासंभव अधिक से अधिक उम्मीदवार उतारेगी. पार्टियों को ठीक-ठीक पता होता है कि वे कितनी सीटें जीत सकती हैं, इसलिए वे उतने ही उम्मीदवार उतारती हैं, और अंततः चुनाव निर्विरोध हो जाते हैं. अगर पार्टी टिकट देती है, तो मैं निश्चित रूप से चुनाव लडूंगा.
लड़ेंगे या कटेगा पत्ता?
राज्य सभा से यूपी कोटे से बीजेपी के 8 सांसद रिटायर हो रहे हैं. वहीं सपा से केवल एक. यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. इसकी तैयारी के लिए सपा राज्यसभा उम्मीदवार को चुनने में सभी समीकरणों को एक साथ रखेगी. बीजेपी के मुकाबले सपा के पास बहुत कम मौका होगा जो वह राज्यसभा के लिए विधानसभा चुनाव को साध पाएगी. राम गोपाल यादव 5 बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं. इंटरव्यू में राम गोपाल यादव ने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की है. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि हम तो रिटायर ही हो रहे हैं. लड़ने की इच्छा और रिटायर को सकारात्मक लेने की प्रतिक्रिया से लगता है कि सपा किसी और को भी उम्मीदवार बना सकती है. हालांकि यह पूरी तरफ तभी साफ होगा जब सपा अपनी उम्मीदवार घोषित नहीं कर देती है.
EC ने फूंका बिगुल
चुनाव आयोग ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में होने वाले राज्यसभा चुनावों और उपचुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया. इसके अलावा बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की विधानसभाओं के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए भी द्विवार्षिक चुनाव की तारीखों का ऐलान किया गया है.
चुनाव आयोग के मुताबिक, राज्यसभा की 11 सीटों के लिए चुनाव होंगे. इनमें उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की 1 सीट शामिल है. इन सीटों पर नवंबर में मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल खत्म होने के बाद चुनाव कराया जाएगा. वहीं, पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की एक खाली सीट के लिए उपचुनाव होगा. यह सीट टीएमसी सांसद रुक्मिणी मल्लिक के इस्तीफे के बाद खाली हुई है. एलान के बाद राजनीतिक पार्टियां चुनाव की तैयारियों में जुट गई हैं. अब देखना होगा कि यूपी के 10 सीटों पर कौन कौन प्रत्याशी के रूप में उतारे जाते हैं.
हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें! विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनें