जमुई कांड में एक्शन! मुख्य आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर, दूसरे आरोपी हरे राम का भी टूटा पैर
Published: Tuesday, September 22, 2026, 13:26 [IST]
बिहार के जमुई कांड में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त के साथ कथित बदसलूकी के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी नंदन यादव के साथ पुलिस की मुठभेड़ की सूचना सामने आई है। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ में नंदन के पैर में गोली लगी है। वहीं, दूसरे आरोपी हरे राम यादव के पैर में चोट लगने और टूटने की सूचना है।
दोनों को इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल लाया गया है। मामले में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को पकड़ चुकी थी। इसके बाद बाकी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी चल रही थी। ताजा कार्रवाई इसी कड़ी में हुई है।
मड़वा पहाड़ी के पास हुआ था पूरा कांड
यह पूरा मामला 19 सितंबर की शाम का है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि नाबालिग छात्रा अपने एक दोस्त के साथ स्कूटी से निकली थी। शाम करीब 6:25 से 6:30 बजे के बीच दोनों मड़वा-प्रतापपुर इलाके की पहाड़ी के पास पहुंचे थे। यहां सात-आठ युवकों ने दोनों को रोक लिया।
वायरल वीडियो में कुछ युवक नाबालिग लड़के और लड़की के साथ अभद्रता करते दिखाई दिए थे। छात्रा के साथ कथित तौर पर बैड टच भी किया गया। वीडियो सोशल मीडिया पर फैलने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। पुलिस ने वीडियो के आधार पर पीड़ितों से संपर्क किया और जांच शुरू की।
मुख्य आरोपी नंदन यादव तक कैसे पहुंची पुलिस?
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की। नंदन यादव को इस मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, फरारी के दौरान पुलिस के साथ उसकी मुठभेड़ हुई। कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया।
दूसरे आरोपी हरे राम यादव के भी पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल होने की सूचना है। बताया जा रहा है कि उसके पैर में चोट आई और पैर टूट गया। दोनों को जमुई सदर अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया है।
पुलिस ने बनाई थी SIT, कई आरोपी पहले ही पकड़े गए
वीडियो सामने आने के बाद जमुई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया था। जांच के लिए एसआईटी बनाई गई। इसकी निगरानी जमुई एसडीपीओ के स्तर से की जा रही है। एडीजी विधि-व्यवस्था केएस अनुपम ने भी मामले में पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी थी।
पुलिस के मुताबिक, मामले में बीएनएस की धारा 128, 74 और 75 के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 8 और 12 के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच में सामने आने वाली हर भूमिका के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब पेट्रोलिंग व्यवस्था पर भी उठेंगे सवाल
एडीजी के मुताबिक, घटना जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से करीब तीन किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाके में हुई थी। अब पुलिस यह भी देखेगी कि उस जगह पर पेट्रोलिंग की क्या व्यवस्था थी और घटना के वक्त वहां पुलिस की मौजूदगी क्यों नहीं थी।
मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया था। पुलिस ने कहा है कि सभी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की दिशा में कार्रवाई जारी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। फिलहाल नंदन यादव और हरे राम यादव के घायल होने की सूचना के बाद जांच का अगला फोकस उनकी भूमिका, मुठभेड़ की पूरी परिस्थितियों और बाकी आरोपियों तक पहुंचने पर है।