सागर शराबकांड में मां और भाभी के शस्त्र लाइसेंस निरस्त:आपराधिक रिकॉर्ड और दुरुपयोग की आशंका में की कार्रवाई, हथियार थाने में जमा करने का आदेश
सागर5 घंटे पहले
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फरार आरोपी मनीष लोधी और सिद्धार्थ कुशवाहा।
सागर के बंडा जहरीली शराबकांड में शामिल आरोपियों पर पुलिस और प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। फरार आरोपी मनीष लोधी की मां शीलादेवी लोधी और आरोपी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा की भाभी लवली ठाकुर के नाम पर दर्ज शस्त्र लाइसेंस प्रशासन ने निरस्त कर दिए हैं।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट प्रतिभा पाल के निर्देश पर दोनों मामलों में लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने लाइसेंस में दर्ज हथियारों को संबंधित थानों में जमा कराने के निर्देश भी दिए हैं।
मनीष लोधी की मां का 315 बोर राइफल का लाइसेंस निरस्त
बंडा थाना क्षेत्र की निवासी शीलादेवी लोधी के नाम पर दर्ज 315 बोर राइफल का शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया है। बंडा थाना प्रभारी को राइफल थाने में जमा कराने का आदेश दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक की ओर से पेश रिपोर्ट में बताया गया कि शीलादेवी का बेटा मनीष लोधी उर्फ यशवंत पिता कोमल लोधी बंडा का निवासी है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ आबकारी एक्ट, मारपीट, गाली-गलौज, एससी-एसटी एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
हाल ही में जहरीली शराब के निर्माण और बिक्री के मामले में भी उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि मनीष अपनी मां के नाम पर दर्ज लाइसेंसी हथियार का दुरुपयोग कर लोगों को डराता-धमकाता था और आपराधिक गतिविधियों में इसका इस्तेमाल करता था।
जवाब मांगा, संतोषजनक नहीं मिलने पर कार्रवाई
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शीलादेवी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जवाब में उन्होंने कहा कि उनका बेटा उनसे अलग रहता है और लाइसेंसी हथियार का कोई दुरुपयोग नहीं हुआ है।
कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट, आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों का अवलोकन करने के बाद जवाब को संतोषजनक नहीं माना। भविष्य में हथियार के दुरुपयोग की आशंका और लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन को देखते हुए आयुध अधिनियम, 1959 के तहत लाइसेंस निरस्त करने का आदेश जारी किया गया।
सिद्धार्थ की भाभी का पिस्टल और राइफल लाइसेंस भी निरस्त
इसी तरह ग्राम रूसल्ला, थाना बहेरिया निवासी लवली ठाकुर पति संदीप सिंह कुशवाहा के नाम पर दर्ज शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त किया गया है। इस लाइसेंस में एक पिस्टल और एक 315 बोर राइफल दर्ज थी।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार लवली ठाकुर के देवर सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा के खिलाफ थाना विनायका में मामला दर्ज है और वह फरार चल रहा है। वहीं उनके पति संदीप सिंह कुशवाहा के खिलाफ बहेरिया, कैंट और सिविल लाइन थानों में गंभीर धाराओं के तहत चार आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा में आशंका जताई गई थी कि फरार आरोपी लाइसेंसी हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। भविष्य में भी इनके दुरुपयोग की संभावना को देखते हुए कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।
अधिवक्ता का जवाब भी नहीं माना समाधानकारक
लवली ठाकुर को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था। उनकी ओर से अधिवक्ता ने जवाब प्रस्तुत किया। प्रशासन ने जवाब का परीक्षण करने के बाद उसे समाधानकारक नहीं माना।
लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन और जन-सुरक्षा को संभावित खतरे को देखते हुए कलेक्टर ने आयुध अधिनियम, 1959 के तहत दोनों हथियारों के लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आदेश जारी किया है।
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