Success Story Rajesh Rawani: झारखंड के जामताड़ा के रहने वाले राजेश रावनी की कहानी सिर्फ एक ट्रक ड्राइवर के सोशल मीडिया स्टार बनने की कहानी नहीं है. यह इस बात का उदाहरण भी है कि किसी आम नौकरी या रोजमर्रा के काम से जुड़े हुनर को सही तरीके से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पेश किया जाए, तो उससे कमाई का नया रास्ता बनाया जा सकता है.
करीब 25 साल से देशभर में ट्रक चलाने वाले राजेश आज ‘R Rajesh Vlogs’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाते हैं. हाईवे पर खाना बनाने से शुरू हुआ उनका कंटेंट अब लाखों लोगों तक पहुंच चुका है. इसी डिजिटल सफर के साथ उन्होंने अपने ट्रक को भी इस तरह कस्टमाइज कराया है कि वह उनके लिए सफर, काम और कंटेंट तीनों का हिस्सा बन गया है.
शुरुआत कैसे हुई?
राजेश लंबे सफर के दौरान सड़क किनारे खुद खाना बनाते थे. चिकन, मटन, मछली और पनीर जैसी चीजें बनाकर वह उनकी तस्वीरें और छोटे वीडियो परिवार के साथ शेयर करते थे.
2021 में उनके बेटे सागर रावनी ने इन वीडियो में संभावनाएं देखीं. उन्होंने वीडियो एडिट करके यूट्यूब पर डालना शुरू किया. शुरुआत में यह बस रोजमर्रा की जिंदगी को दिखाने वाला कंटेंट था, लेकिन धीरे-धीरे लोगों की दिलचस्पी बढ़ने लगी.
खास बात यह रही कि दर्शक सिर्फ खाना बनाने के वीडियो नहीं देखना चाहते थे. वे उस ट्रक ड्राइवर के बारे में जानना चाहते थे जो यह सब कर रहा था. राजेश के फेस-रिवील वीडियो को कथित तौर पर 24 घंटे में करीब 4.5 लाख व्यू मिले.
कमाई का मॉडल कैसे बदला?
राजेश ने पहले अपनी कमाई को ट्रक ड्राइविंग से जोड़ा था. उनके मुताबिक, उस समय उन्हें करीब ₹25,000-₹30,000 महीने की कमाई होती थी.
यूट्यूब चैनल लोकप्रिय होने के बाद उनकी आय में बड़ा बदलाव आया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी मासिक कमाई करीब ₹4-5 लाख तक पहुंच गई, जबकि कुछ महीनों में यह आंकड़ा ₹18 लाख तक भी गया.
उनके "लग्जरी ट्रक" में ऐसा क्या खास है?
राजेश रवानी की लग्जरी ट्रक की रील:
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राजेश रवानी का यह नया ट्रक केवल एक वाहन नहीं, बल्कि उनकी सफलता और सहूलियत का एक चलता-फिरता ठिकाना है. इसे लंबी यात्राओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर कस्टमाइज किया गया है:
- अपग्रैडेड इंटीरियर: आरामदायक सीटें और रहने के लिए विस्तारित जगह (Expanded living space).
- मोबाइल किचन: समर्पित कुकिंग एरिया, ताकि वे सफर के दौरान अपना पसंदीदा खाना बनाना जारी रख सकें.
- आधुनिक सुविधाएं: एयर कंडीशनिंग (AC), रेफ्रिजरेशन (फ्रीज) और सामान रखने के लिए स्टोरेज कैबिनेट्स.
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