दर्द की गोली का विज्ञान: पेन किलर को कैसे पता चलता है कि शरीर में कहां हो रहा दर्द?
Thu, 17 Sep 2026 04:28 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shruti Gaur Updated Thu, 17 Sep 2026 04:28 PM IST
सार
How Does Painkillers Work: ये सवाल हम सभी के दिमाग में कभी न कभी आता ही है, कि आखिर कैसे पेनकिलर काम करता है। इस लेख में हम आपको इस सवाल का सही जवाब देंगे।
How Does Painkillers Work: पेन किलर लेने के बाद क्या आपने कभी सोचा है कि दवा को कैसे पता चलता है कि शरीर के किस हिस्से में दर्द हो रहा है? क्या यह सीधे दर्द वाली जगह पर पहुंचकर काम करती है या इसके पीछे कोई अलग प्रक्रिया होती है? इस लेख में जानते हैं कि पेन किलर शरीर में पहुंचने के बाद कैसे काम करता है और दर्द कम होने के पीछे क्या विज्ञान है।
पेन किलर शरीर में कैसे काम करता है?
जब शरीर के किसी हिस्से में चोट लगती है, वहां सूजन होती है या ऊतक को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचता है, तो शरीर में कई तरह के रासायनिक बदलाव शुरू हो जाते हैं। इन बदलावों का एक हिस्सा शरीर को यह संकेत देने से जुड़ा होता है कि उस स्थान पर कुछ गड़बड़ हुई है।
पेन किलर को कैसे पता चलता है कि शरीर में कहां हो रहा दर्द? - फोटो : AI
दर्द की शुरुआत कैसे होती है?
चोट लगने के बाद प्रभावित स्थान पर कुछ रासायनिक पदार्थ बनने या उनकी मात्रा बढ़ने लगती है। ये पदार्थ दर्द महसूस करने वाली विशेष नसों को सक्रिय कर सकते हैं। इन नसों को दर्द-संवेदक नसें कहा जा सकता है। जब ये नसें सक्रिय होती हैं, तो वे संकेत पैदा करती हैं।
यह संकेत नसों के रास्ते:
- चोट वाली जगह से नसों तक पहुंचता है।
- वहां से रीढ़ की हड्डी तक जाता है।
- रीढ़ की हड्डी से आगे मस्तिष्क तक पहुंचता है।
- मस्तिष्क इन संकेतों को समझता करता है।
- इसके परिणामस्वरूप हमें दर्द महसूस होता है।
इसलिए दर्द केवल चोट वाली जगह पर होने वाली घटना नहीं है। इसमें चोट वाली जगह, नसें, रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क सभी की भूमिका होती है।
पेन किलर को कैसे पता चलता है कि शरीर में कहां हो रहा दर्द? - फोटो : AI
पेन किलर क्या करता है?
पेन किलर यानी दर्द कम करने वाली दवाएं इस पूरी प्रक्रिया के अलग-अलग हिस्सों पर असर कर सकती हैं। यह समझना महत्वपूर्ण है कि सभी पेन किलर एक जैसे तरीके से काम नहीं करते। अलग-अलग दवाओं के अलग-अलग जैविक लक्ष्य होते हैं।
- कुछ दवाएं चोट या सूजन वाली जगह पर बनने वाले ऐसे रासायनिक पदार्थों का निर्माण कम करती हैं जो दर्द और सूजन को बढ़ाने में भूमिका निभाते हैं।
- कुछ दवाएं मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र में दर्द के संकेतों की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं।
- कुछ शक्तिशाली दर्द निवारक दवाएं तंत्रिका तंत्र में मौजूद विशेष ग्राहकों, जिन्हें रिसेप्टर कहा जाता है, पर काम करती हैं।
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पेन किलर को कैसे पता चलता है कि शरीर में कहां हो रहा दर्द? - फोटो : AI
क्या पेन किलर दर्द वाली जगह को पहचानता है?
नहीं, यह एक आम गलतफहमी है कि पेन किलर शरीर में जाने के बाद सीधे दर्द वाली जगह को पहचान लेता है और वहीं जाकर काम करती है। असल में, दवा आमतौर पर रक्त के माध्यम से पूरे शरीर में फैलती है। इसके बाद दवा अपने विशेष लक्ष्य तक पहुंचकर उस पर प्रभाव डालती है।
उदाहरण के लिए, अगर आपके पैर में चोट लगी है और आप दर्द की दवा लेते हैं, तो दवा केवल पैर में जाकर नहीं रहती। वह पूरे शरीर में घूमती है। उसके अणु उन स्थानों और जैविक लक्ष्यों पर असर डालते हैं जहां उनके लिए लक्ष्य मौजूद होते हैं।
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पेन किलर को कैसे पता चलता है कि शरीर में कहां हो रहा दर्द? - फोटो : AI
दर्द और सूजन कम करने वाली दवाएं कैसे काम करती हैं?
चोट या सूजन के दौरान शरीर में कुछ ऐसे रासायनिक पदार्थ बनते हैं जो दर्द और सूजन को बढ़ा सकते हैं। कुछ दर्द निवारक दवाएं इन रासायनिक पदार्थों के निर्माण में शामिल एंजाइमों की गतिविधि को कम करती हैं। इसके कारण दर्द और सूजन से जुड़े संकेत कम हो सकते हैं। इस प्रकार की दवाएं खास तौर पर उन स्थितियों में उपयोगी हो सकती हैं जहां दर्द के साथ सूजन भी मौजूद हो।