सीआरबी एवं सीईओ, रेलवे बोर्ड ने डीएफसीसीआईएल कॉरपोरेट ऑफिस का दौरा किया

Published on 13 सित॰ 2026

नई दिल्ली(उत्तम हिन्दू न्यूज)- रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एवं सीईओ श्री सतीश कुमार ने शनिवार को सेक्टर-145 स्थित डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के कॉरपोरेट कार्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सेंट्रल कंट्रोल सिस्टम, रेलवे ट्रैक, परिचालन एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और फ्रेट ट्रेनों की कंप्यूटरीकृत निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया।

उन्होंने रेलवे दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ट्रैक की खामियों और तकनीकी कमियों की शुरुआती स्तर पर पहचान कर तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित कमी को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।

श्री सतीश कुमार ने इस अवसर पर वॉर रूम का उद्घाटन किया। उन्होंने फ्रेट ट्रेनों की 24 घंटे निगरानी के लिए ट्रैक डिफिशिएंसी की पहचान करने वाला समर्पित डैशबोर्ड विकसित करने के निर्देश दिए। तकनीकी अथवा परिचालन संबंधी किसी भी कमी का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने फ्रेट ट्रेन क्रू की सतर्कता और सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाले विजिलेंस कंट्रोल डिवाइस की प्रभावशीलता की समीक्षा करने तथा आवश्यक तकनीकी सुधार करने के निर्देश दिए। स्टेशनों पर कैमरों, सिग्नल एक्सचेंज सिस्टम और अन्य आधुनिक तकनीकों की निरंतर निगरानी को अभियान के रूप में चलाने पर जोर दिया।

चेयरमैन ने मशीन विजन इंस्पेक्शन सिस्टम और हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर के प्रभावी इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए तीन स्तरीय व्यवस्था अपनाने को कहा—पहले मूल कारण और मौजूदा स्थिति की पहचान, फिर विस्तृत विश्लेषण और अंत में स्थायी एवं बेहतर समाधान लागू करना।

उन्होंने ट्रेन डिरेलमेंट तथा आग लगने की घटनाओं की विस्तृत जांच और उनके निष्कर्षों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही, कैटल रन ओवर की घटनाओं में कमी को सकारात्मक उपलब्धि बताया। मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब के जरिए नए माल यातायात को बढ़ावा देने और जेएनपीटी में कंटेनर आवाजाही को संतुलित करने पर भी चर्चा हुई।

रिसर्च और नवाचार पर जोर

श्री सतीश कुमार ने डीएफसीसीआईएल को रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन के साथ मिलकर नई तकनीकों के विकास और परीक्षण पर काम करने के निर्देश दिए। कर्मचारियों के कौशल विकास के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने और इमेज रिकॉग्निशन जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया।

उन्होंने आईआईटी दिल्ली के साथ शोध एवं तकनीकी सहयोग मजबूत करने तथा विशेष संस्थानों को अनुसंधान परियोजनाओं से जोड़ने की आवश्यकता बताई। लागत घटाने, नवाचार को बढ़ावा देने और तकनीकी आत्मनिर्भरता मजबूत करने के लिए ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल और विकास को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए।

इसके बाद चेयरमैन एवं सीईओ ने हेवी हॉल इंस्टीट्यूट का दौरा कर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग ट्रेनिंग सेटअप का उद्घाटन किया। यह सुविधा कर्मचारियों को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण देने में मदद करेगी और परिचालन सुरक्षा तथा दक्षता बढ़ाने में सहायक होगी।

बैठक में उन्होंने वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पूरा होने और कमीशनिंग के लिए डीएफसीसीआईएल को बधाई दी। उन्होंने डीएफसी नेटवर्क से जुड़े रेलवे खंडों में समयबद्धता में सुधार की सराहना करते हुए फ्रेट ट्रेनों की औसत गति और परिचालन दक्षता में लगातार सुधार करने पर जोर दिया।

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