भारत में बंधुआ मजदूरी से बने उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध, केंद्र ने व्यापार नीति में किया बड़ा बदलाव - india bans forced labor goods imports amid us scrutiny

Published on 14 जुल॰ 2026

केंद्र सरकार ने विदेश व्यापार नीति 2023 में संशोधन कर बंधुआ मजदूरों से बने उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला अमेरिका द्वारा भारत सहित ...और पढ़ें

बंधुआ मजदूरी। (सांकेतिक तस्वीर एआई से बनाई गई)

बंधुआ मजदूरी। (सांकेतिक तस्वीर एआई से बनाई गई)

HighLights

  1. बंधुआ मजदूरों से बने उत्पादों के आयात पर भारत में रोक।

  2. विदेश व्यापार नीति 2023 में केंद्र सरकार ने किया संशोधन।

  3. अमेरिका की जांच और शुल्क प्रस्ताव के बीच आया यह कदम।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) 2023 में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए बंधुआ मजदूरों (फोर्स्ड लेबर) से तैयार या निर्मित कराए गए वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।

वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने 13 जुलाई को जारी राजपत्र अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी उत्पाद, जो पूरी तरह या आंशिक रूप से बंधुआ मजदूरों के माध्यम से बनाए गए हों, उनके आयात की अनुमति नहीं होगी। यह नया प्रविधान अधिसूचना के प्रकाशन के 30 दिन बाद प्रभावी होगा।

सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है, जब अमेरिका का व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) भारत सहित 60 देशों में बंधुआ मजदूरी से जुड़े मामलों की जांच कर रहा है। अमेरिकी पक्ष का आरोप है कि इन देशों ने बंधुआ मजदूरों के जरिए बने उत्पादों के आयात पर प्रभावी रोक लागू नहीं की है। इसी क्रम में अमेरिका ने तीन जून को भारत समेत 54 देशों पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी रखा था।

डीजीएफटी के अनुसार, यदि जांच या अन्य विश्वसनीय साक्ष्यों के आधार पर यह पाया जाता है कि किसी विशेष वस्तु का उत्पादन बंधुआ मजदूरों से हुआ है, तो केंद्र सरकार अधिसूचना जारी कर उसके आयात पर प्रतिबंध लगा सकती है। इस संबंध में जांच की प्रक्रिया ‘हैंडबुक आफ प्रोसीजर्स-2023' के तहत निर्धारित की जाएगी।

क्या है बंधुआ मजदूरी?

संशोधित नीति में बंधुआ मजदूरी की परिभाषा भी जोड़ी गई है, जिसे अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के 1930 के फोर्स्ड लेबर कन्वेंशन के अनुरूप रखा गया है। इसमें ऐसे कार्य या सेवा को बंधुआ मजदूरी माना गया है, जिसे किसी व्यक्ति से दंड के भय से कराया जाए और जिसे उसने स्वेच्छा से स्वीकार न किया हो। भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत भी जारी है।