फिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता के बीच गहराया नीम करौली बाबा की जन्मस्थली का विवाद, क्या है पूरा मामला?

Published on 11 सित॰ 2026

फिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता के बीच गहराया नीम करौली बाबा की जन्मस्थली का विवाद, क्या है पूरा मामला?

Time Published: Friday, September 11, 2026, 20:45 [IST]

Neem Karoli Baba Ancestral Home Dispute: देशभर में नीम करौली बाबा को लेकर लोगों की दिलचस्पी एक बार फिर बढ़ गई है। उनके जीवन पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता के बाद बाबा की जन्मस्थली, परिवार और उनसे जुड़ी जगहों को लेकर लोग ज्यादा जानकारी तलाश रहे हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में उनके पैतृक घर को लेकर परिवार के भीतर विवाद सामने आया है।

बाबा के दिवंगत बेटे धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियों ने आरोप लगाया है कि बाबा के पैतृक घर पर एक ट्रस्ट का गलत तरीके से नियंत्रण है। उन्होंने जिला प्रशासन से शिकायत कर संपत्ति को ट्रस्ट के कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। दूसरी तरफ, परिवार के ही एक सदस्य का कहना है कि संपत्ति ट्रस्ट को बाबा की इच्छा के अनुसार दी गई थी। ट्रस्ट ने भी सभी आरोपों को खारिज किया है। अब प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।

Neem Karoli Baba Ancestral Home Dispute

जन्मस्थली के घर पर उठा सवाल

यह मामला फिरोजाबाद के अकबरपुर गांव से जुड़ा है। इसी गांव को बाबा नीम करौली महाराज की जन्मस्थली माना जाता है। उनका जन्म लक्ष्मी नारायण शर्मा के नाम से हुआ था। विवाद मकान नंबर 154 और उससे जुड़े दूसरे निर्माणों को लेकर है। यह संपत्ति बाबा की पुरानी यादों से जुड़ी बताई जाती है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग भी इस स्थान को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। करीब 4,000 वर्ग फुट में बना यह डुप्लेक्स मकान कई हिस्सों में बंटा हुआ है। यहां बाबा का ध्यान कक्ष, भोजन करने की जगह, अतिथियों के लिए कमरे और बेडरूम भी बताए गए हैं। इस समय संपत्ति का प्रबंधन श्री नीम करौली महाराज ट्रस्ट के पास है।

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24 अगस्त के बाद बढ़ गया मामला

परिवार से जुड़े लोगों के अनुसार, विवाद 24 अगस्त को हुए एक पारिवारिक कार्यक्रम के बाद ज्यादा बढ़ गया। आरोप है कि बाबा के दिवंगत बेटे धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियों को पैतृक घर के परिसर में मौजूद कमरों में ठहरने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद परिवार के सदस्यों के बीच चल रहा मतभेद खुलकर सामने आ गया। मामला बढ़ने के बाद छह पोतियों ने सीधे जिला प्रशासन से संपर्क करने का फैसला किया। बाबा की पोतियों सुनीता शर्मा, अर्चना शर्मा, वंदना शर्मा, भावना रावत, रितु तिवारी और रिचा रावत ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत दी।

उनकी मांग है कि पैतृक घर को ट्रस्ट के नियंत्रण से मुक्त कराया जाए। शिकायत में संपत्ति पर ट्रस्ट के अधिकार और उसके प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने मामले की जांच कराने का फैसला किया। हमने इस मामले में जिलाधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की पर किसी वजह से उनसे बात नहीं हो पाई।

हालांकि, यूपी तक की रिपोर्ट के अनुसार, जिला प्रशासन ने संपत्ति विवाद की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है। इस समिति की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अरविंद कुमार द्विवेदी कर रहे हैं। समिति में टुंडला की एसडीएम दिव्या सिंह और जिला पर्यटन अधिकारी विशाल श्रीवास्तव भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जांच समिति की मांग पर संपत्ति से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रशासन को उपलब्ध करा दिए गए हैं। अब समिति इन कागजों की जांच करेगी और परिवार की शिकायत में लगाए गए आरोपों की भी पड़ताल करेगी।

परिवार के अंदर ही अलग-अलग राय

इस संपत्ति विवाद में नीम करौली बाबा के परिवार के सभी सदस्य एक ही पक्ष में नहीं हैं। बाबा के दूसरे दिवंगत बेटे अनेक सिंह शर्मा के बेटे धनंजय शर्मा ने छह पोतियों के आरोपों से खुद को अलग बताया है। उनका कहना है कि संबंधित संपत्ति ट्रस्ट को बाबा की इच्छा के अनुसार सौंपी गई थी। धनंजय शर्मा ने परिवार के बीच इस तरह विवाद सार्वजनिक होने पर चिंता भी जताई है। उन्होंने परिवार के सदस्यों से आपस में बैठकर मामले को सुलझाने की अपील की है। यानी एक तरफ बाबा की छह पोतियां संपत्ति पर ट्रस्ट के नियंत्रण को लेकर सवाल उठा रही हैं, जबकि परिवार का ही दूसरा सदस्य इसे बाबा की इच्छा के अनुसार लिया गया फैसला बता रहा है।

ट्रस्ट ने कब्जे के आरोपों से किया इनकार

श्री नीम करौली महाराज ट्रस्ट ने भी संपत्ति पर अवैध कब्जे के आरोपों से इनकार किया है। ट्रस्ट के सचिव संजय गुप्ता का कहना है कि संस्था के अंदर किसी तरह का विवाद नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्हें धर्म नारायण शर्मा ने नियुक्त किया था और वह अभी भी ट्रस्ट में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। संजय गुप्ता के अनुसार, जिला प्रशासन की तरफ से उन्हें अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक नोटिस नहीं मिला है। ट्रस्ट के इनकार और परिवार के आरोपों के बीच अब प्रशासन की जांच अहम मानी जा रही है।

फिल्म 'हनुमान अंश' के बाद फिर बढ़ी चर्चा

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब नीम करौली बाबा एक बार फिर देशभर में चर्चा में हैं। उनके जीवन पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' 7 अगस्त 2026 को रिलीज हुई थी। फिल्म की सफलता के बाद बाबा के जीवन और उनसे जुड़ी जगहों के बारे में जानने वालों की संख्या बढ़ी है। कम बजट में बनी इस फिल्म में शोभिनव सत्या ने मुख्य भूमिका निभाई है।

फिल्म को शुरुआत में बड़े स्तर पर प्रचार नहीं मिला था, लेकिन दर्शकों की प्रतिक्रिया और लोगों की आपसी चर्चा ने इसे तेजी से लोकप्रिय बना दिया। धीरे-धीरे फिल्म को सुपर हिट के रूप में देखा जाने लगा। रिलीज के करीब एक महीने के भीतर फिल्म ने दुनियाभर में 150 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली।

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