
तमिलनाडु की राजनीति में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और अभिनेता से नेता बने विजय के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार को विजय पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने विधानसभा को "रील बनाने की जगह" बना दिया है।
स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि विजय अपनी प्रशासनिक नाकामियों को छिपाने के लिए सोशल मीडिया पर रील पोस्ट कर रहे हैं और पूरी एक पीढ़ी को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
स्टालिन बोले- आज भी शरीर पर हैं पिटाई के निशान
स्टालिन ने अपने वीडियो में आपातकाल के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उन्हें जेल में प्रताड़ना झेलनी पड़ी थी। उन्होंने दावा किया कि जेल में हुई मारपीट के दौरान उनका जबड़ा टूट गया था और आज भी उनके शरीर पर पिटाई के निशान मौजूद हैं।उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान हुए अत्याचारों को लेकर उनकी पार्टी और परिवार ने लंबा संघर्ष किया है। स्टालिन ने विजय पर इतिहास और घटनाओं को राजनीतिक तरीके से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
विजय ने विधानसभा में किया था आपातकाल का जिक्र
दरअसल, तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख विजय ने 7 सितंबर को विधानसभा में आपातकाल और मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट (MISA) 1971 के तहत हुई गिरफ्तारियों का मुद्दा उठाया था।अपने भाषण के दौरान विजय ने हाथ को जबड़े के पास ले जाकर इशारा किया था। डीएमके नेताओं ने इस इशारे को स्टालिन के पुराने संघर्ष और आपातकाल के दौरान लगी चोट से जोड़कर देखा।
इसके बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।
डीएमके ने विजय पर लगाए राजनीतिक फायदे के आरोप
डीएमके नेताओं का कहना है कि विजय आपातकाल जैसे ऐतिहासिक मुद्दों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे हैं। वहीं विजय की पार्टी की ओर से तमिलनाडु सरकार की नीतियों और कामकाज पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।विजय ने राजनीति में आने के बाद पहली बार विधानसभा चुनावी राजनीति में उतरने का ऐलान किया है। उनकी पार्टी TVK राज्य में खुद को एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश कर रही है।
तमिलनाडु में बढ़ रही सियासी टक्कर
तमिलनाडु की राजनीति में डीएमके और टीवीके के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। विजय जहां सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं स्टालिन उन्हें अनुभवहीन और केवल प्रचार की राजनीति करने वाला नेता बता रहे हैं।आपातकाल और स्टालिन की पुरानी राजनीतिक यात्रा का मुद्दा अब राज्य की सियासत में नया विवाद बन गया है। आने वाले चुनावों से पहले दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।