इंडिगो ने बुधवार, 9 सितंबर 2026 से गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट से चलने वाली तीन प्रमुख रूट्स की उड़ानों में कटौती कर दी है। इस फैसले के बाद सिविल टर्मिनल से सफर करने वाले दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों के लिए सीटें मिलना मुश्किल हो गया है। नई व्यवस्था के तहत अब नवी मुंबई के लिए हफ्ते में चार, कोलकाता के लिए दो और वाराणसी के लिए पांच उड़ानें ही संचालित होंगी। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले इन रूट्स पर लगभग रोजाना उड़ानें उपलब्ध थीं। एयरलाइन ने एविशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतों को इस कटौती की मुख्य वजह बताया है।
फिलहाल हिंडन के सिविल एन्क्लेव से सिर्फ इंडिगो और स्टार एयर ही अपनी सेवाएं दे रही हैं। यहां केवल सुबह से शाम (सूर्योदय से सूर्यास्त) तक ही उड़ानों के संचालन की अनुमति है और पार्किंग स्पेस की भी काफी कमी है, जिससे उड़ानों को समय पर रवाना करने में दिक्कत आती है। हिंडन से उड़ानों का यह संकट जून में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले से ही बना हुआ है। एक आरटीआई (RTI) से खुलासा हुआ है कि हाल के महीनों में हिंडन एयरपोर्ट ने कम से कम 16 रूट्स खो दिए हैं। एयरलाइंस ने उड़ानों के निलंबन के पीछे ऑपरेशनल दिक्कतों और बढ़ती लागत को जिम्मेदार ठहराया है।
इंडिगो की हिंडन फ्लाइट्स: नया शेड्यूल, और जेवर व आईजीआई एयरपोर्ट्स के विकल्प
सितंबर के महीने में इन प्रभावित रूट्स पर उड़ानों के फेरे कम रहेंगे। अगर हिंडन से टिकट नहीं मिलती है, तो आप जेवर (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) और दिल्ली के आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट से उड़ानों के विकल्प देख सकते हैं। इंडिगो ने 15 जून 2026 से जेवर एयरपोर्ट से अपना परिचालन शुरू कर दिया था। इसके अलावा, एयरलाइन ने इस गर्मी में नवी मुंबई से भी दर्जनों रूट्स के लिए उड़ानें बढ़ाई हैं। नवी मुंबई अब कोलकाता और वाराणसी से सीधे जुड़ चुका है, जिससे पूर्व दिशा की ओर जाने वाले यात्रियों को काफी राहत मिली है। हालांकि, बुकिंग करने से पहले इंडिगो के शेड्यूल पेज पर जाकर उड़ानों का समय जरूर जांच लें।
इंडिगो रीबुकिंग और रिफंड: ऐप पर अपनाएं ये स्टेप्स और जानें DGCA के नियम
अगर इंडिगो आपकी फ्लाइट के समय में बदलाव करती है, तो आप बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के रीबुकिंग या रिफंड के लिए 'Plan B' का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए 6E ऐप खोलें, 'My Trips' में जाएं, अपनी बुकिंग चुनें और फिर 'Change flight' या 'Cancel' पर क्लिक करें। स्क्रीन पर 'Plan B' चुनते ही किराया अंतर (fare difference) और चेंज फीस माफ कर दी जाएगी। अगर आप इसका इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो 'Manage Booking' और सामान्य नियमों के तहत ही चार्ज लागू होंगे। फ्लाइट से जुड़े जरूरी अपडेट्स पाने के लिए अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल्स अपडेट रखें। डीजीसीए (DGCA) के नियमानुसार, फ्लाइट कैंसिल होने पर एयरलाइन को यात्री को दूसरी फ्लाइट का विकल्प देना होगा या पूरा पैसा रिफंड करना होगा।
एयरपोर्ट पहुंचने में कितना लगेगा समय: हिंडन बनाम जेवर बनाम IGI
| एयरपोर्ट | नोएडा सेक्टर 62 से अनुमानित दूरी | सामान्य (ऑफ-पीक) ड्राइविंग समय |
|---|---|---|
| हिंडन (गाजियाबाद) | 17–23 किमी | लगभग 20–40 मिनट |
| नोएडा इंटरनेशनल (जेवर) | ~90 किमी | 90–120 मिनट |
| दिल्ली IGI T3 | 34–38 किमी | 45–55 मिनट |
नोएडा के आईटी हब सेक्टर 62 से अलग-अलग एयरपोर्ट्स की दूरी और पहुंचने में लगने वाला वास्तविक समय ऊपर दी गई टेबल में देखा जा सकता है। सेक्टर 62 वाले टेक-बेल्ट से हिंडन एयरपोर्ट आज भी सबसे नजदीकी और तेज विकल्प है, लेकिन यहां सीटों की उपलब्धता काफी कम है। जेवर एयरपोर्ट दूरी में थोड़ा ज्यादा जरूर है, लेकिन रश वाले दिनों में यह सफर के कई विकल्प देता है। वहीं दिल्ली का आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट उड़ानों की बेहतर फ्रीक्वेंसी और सही किराए का संतुलन देता है, हालांकि पीक-आवर्स के ट्रैफिक में यहां पहुंचने में ज्यादा वक्त लग सकता है। इसलिए सुबह और शाम के पीक-आवर्स से बचकर टिकट बुक करें, ऐप पर किराए पर नजर रखें और यात्रा के लिए थोड़ा एक्स्ट्रा मार्जिन लेकर निकलें।