'जल्द मार डालेंगे': केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को मिली जान से मारने की धमकी, गृह मंत्रालय से उच्चस्तरीय जांच की मांग
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को डाक के जरिए जान से मारने की धमकी मिली है। उनके कार्यालय ने गृह सचिव को पत्र लिखकर जांच और सुरक्षा समीक्षा की मांग की है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को डाक के जरिए जान से मारने की धमकी मिली है। (File Photo)
- Published: 01 Sep 2026, 07:38 PM IST
- Last Updated: 01 Sep 2026, 07:39 PM IST
Chirag Paswan death threat: मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। जेड-श्रेणी (Z-category) की सुरक्षा प्राप्त चिराग पासवान के कार्यालय को मंगलवार, 1 सितंबर को डाक के माध्यम से एक अज्ञात पत्र प्राप्त हुआ। इस पत्र में चेतावनी दी गई है कि 'उन्हें जल्द ही कट्टर आतंकवादियों द्वारा मार दिया जाएगा।' इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद मंत्री के आधिकारिक खेमे में चिंता बढ़ गई है।
गृह मंत्रालय से की गई त्वरित जांच की मांग
धमकी भरा पत्र मिलने के बाद चिराग पासवान के कार्यालय ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। कार्यालय की तरफ से केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर इस धमकी भरे संदेश के स्रोत और प्रामाणिकता की तुरंत उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।
इसके साथ ही मंत्री की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का भी आग्रह किया गया है। केंद्रीय मंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव आलोक कुमार की ओर से गृह सचिव को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि यह मामला खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री की व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
पत्र में लिखी गई है सीधे जान से मारने की धमकी
आलोक कुमार द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि मंत्रालय में मंगलवार को एक बिना हस्ताक्षर वाला पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें दो मोबाइल नंबर भी दर्ज हैं। पत्र को खोलने पर उसमें केंद्रीय मंत्री के जीवन पर मंडरा रहे आसन्न खतरे का सीधा जिक्र मिला।
पत्र की धमकी भरी पंक्तियों में लिखा है- 'तुम्हें जल्द ही कट्टर आतंकवादियों द्वारा मार दिया जाएगा।' कार्यालय का कहना है कि इस पत्र की भाषा और 'कठोर आतंकवादियों' का जिक्र बेहद डरावना है, जिससे मंत्री की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंकाएं पैदा होती हैं। जांच के लिए मूल पत्र भी अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और बढ़ाने का आग्रह
चिराग पासवान के कार्यालय ने गृह सचिव से अनुरोध किया है कि इस संवेदनशील मामले को अत्यंत प्राथमिकता दी जाए। पत्र में कहा गया है कि बिना किसी देरी के इस बात का पता लगाया जाए कि यह धमकी कहां से और किन परिस्थितियों में भेजी गई है।
इसके अलावा, मंत्री के सार्वजनिक कार्यक्रमों और उनके खिलाफ बढ़ रहे संभावित खतरों (थ्रेट परसेप्शन) को ध्यान में रखते हुए उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए और जरूरत पड़ने पर इसे और अधिक पुख्ता किया जाए। फिलहाल इस धमकी के स्रोत और सच्चाई का पता लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और आगे के ब्योरे की प्रतीक्षा की जा रही है।