महंगाई का नया झटका: पेट्रोल महंगा होने से बस, रिक्शा के किराए में भारी बढ़ोतरी, कराची से पेशावर तक मचा हाहाकार

Published on 13 जुल॰ 2026

महंगाई का नया झटका: पेट्रोल महंगा होने से बस, रिक्शा के किराए में भारी बढ़ोतरी, कराची से पेशावर तक मचा हाहाकार

July 13, 2026

महंगाई का नया झटका: पेट्रोल महंगा होने से बस, रिक्शा के किराए में भारी बढ़ोतरी, कराची से पेशावर तक मचा हाहाकार

Pakistan in inflation : पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट और तेज महंगाई का सामना कर रहा है। ऐसे में अब लोगों पर एक और बड़ा बोझ पड़ने वाला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल के दाम फिर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसका असर सबसे पहले आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर दिखाई देने लगा है। ईंधन महंगा होने की वजह से देशभर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का किराया बढ़ा दिया गया है। बस, रिक्शा, बाइक टैक्सी और लंबी दूरी की बस सेवाओं के किराए में इजाफा होने से यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

पेट्रोल महंगा होने का सीधा असर ट्रांसपोर्ट पर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों का कहना है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण उनके लिए पहले की दरों पर सेवाएं देना मुश्किल हो गया है। इसी वजह से उन्होंने किराए में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है।  एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पेट्रोल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद पूरे देश में परिवहन सेवाओं के किराए बढ़ने लगे हैं। इसका असर शहरों के साथ-साथ लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों पर भी पड़ रहा है।

लोकल बस और रिक्शा का न्यूनतम किराया बढ़ा
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, अब एक स्टॉप से दूसरे स्टॉप तक जाने के लिए न्यूनतम किराया PKR 50 कर दिया गया है। पहले की तुलना में यह काफी ज्यादा है। सिर्फ बस ही नहीं, बल्कि चिंगची रिक्शा, ऑटो रिक्शा, बाइक टैक्सी और मोटरसाइकिल से यात्रा करने वालों को भी अब ज्यादा किराया देना पड़ रहा है। इससे रोजाना सफर करने वाले लोगों का मासिक खर्च बढ़ गया है।

माल ढुलाई भी हुई महंगी
ईंधन महंगा होने का असर केवल यात्रियों पर ही नहीं, बल्कि व्यापार और सामान की ढुलाई पर भी पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, कराची से पेशावर तक सामान ले जाने वाले भरे हुए ट्रेलरों का माल ढुलाई शुल्क बढ़कर PKR 7 लाख तक पहुंच गया है। व्यापारियों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से रोजमर्रा के सामान की कीमतें भी बढ़ सकती हैं, जिससे महंगाई और तेज हो सकती है।

रावलपिंडी में यात्रियों को देना होगा ज्यादा किराया
रावलपिंडी में लोकल ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों ने प्रति यात्री PKR 20 तक किराया बढ़ा दिया है। वहीं, आसपास के इलाकों में चलने वाली बस और वैन सेवाओं का किराया प्रति यात्री PKR 30 तक बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा अब कई ट्रांसपोर्ट सेवाएं यात्रियों के सामान के लिए भी अलग से अतिरिक्त शुल्क वसूल रही हैं।

लंबी दूरी की बसों के टिकट भी हुए महंगे
लंबी दूरी की बस सेवाओं ने भी अपने टिकटों की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग रूट के अनुसार प्रति यात्री PKR 100 से लेकर PKR 250 तक किराया बढ़ाया गया है। वहीं, रावलपिंडी से मरी के बीच चलने वाली एसी कोच सेवा का किराया बढ़ाकर PKR 700 कर दिया गया है।

बच्चों से भी लिया जाएगा पूरा किराया
रिपोर्ट में बताया गया है कि कई बस ऑपरेटर अब आठ साल या उससे अधिक उम्र के बच्चों से भी पूरा किराया लेना शुरू कर चुके हैं। पहले कई सेवाओं में छोटे बच्चों को किराए में छूट मिल जाती थी, लेकिन अब नए नियम लागू किए जा रहे हैं।

लोडर रिक्शा का शुल्क भी बढ़ा
सामान ढोने वाले लोडर रिक्शा संचालकों ने भी अपने शुल्क में PKR 500 तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसका असर छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और रोजाना सामान की ढुलाई कराने वाले लोगों पर पड़ सकता है।

महंगाई और बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी होती है, तो इसका असर केवल परिवहन तक सीमित नहीं रहेगा। माल ढुलाई महंगी होने से खाने-पीने की चीजों, रोजमर्रा के सामान और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में पहले से महंगाई से जूझ रही पाकिस्तान की आम जनता की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।