अभिनेता मनोज जोशी ने किए भगवान महाकाल के दर्शन, बोले- देश के युवाओं को प्रचंड शक्ति दें बाबा | Actor Manoj Joshi offered prayers to Lord Mahakal; prayed for Baba to grant immense strength to the nation's youth.

Published on 21 अग॰ 2026

उज्जैन। श्रावण शुक्ल पक्ष नवमी तिथि पर शुक्रवार को श्री म

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में बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई। इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। भस्म आरती में अभिनेता मनोज जोशी भी शामिल हुए।

शुक्रवार तड़के भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। दिव्य शृंगार और भस्म आरती के बाद जैसे ही श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन हुए, पूरा मंदिर परिसर 'जय श्री महाकाल' के उद्घोष से गूंज उठा। मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा।

बाबा को रजत मुकुट, चंद्र-त्रिशूल से सजाया गया और फूलों की माला पहनाई गई। बाबा महाकाल का भगवान राम के भक्त के रूप में विशेष शृंगार किया गया। भगवान के माथे पर 'राम' नाम लिखा गया और 'राम' नाम लिखे हुए बेल पत्र अर्पित किए गए।

अभिनेता मनोज जोशी बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए। भस्म आरती का अनुभव साझा करते हुए मनोज जोशी ने कहा कि भस्म आरती के दौरान जो अनुभूति हुई है, वह दिव्य साक्षात्कार है। इस अनुभूति का शब्दों में वर्णन नहीं किया जा सकता। कालों के काल बाबा महाकाल विश्व को आगे बढ़ा रहे हैं और मंगल कर रहे हैं। महाकाल से मेरी प्रार्थना है कि देश के युवाओं को प्रचंड शक्ति दें और युवा राष्ट्र को सर्वोपरि मानें। बाबा महाकाल सभी का कल्याण करें।

महाकाल मंदिर के पट खुलने के साथ ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद, और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। बाबा महाकाल ने मस्तक पर चंद्रमा धारण किया। बाबा महाकाल की पूजा के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा ने मुकुट धारण किया। इसके बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े, और शंखनाद के साथ भस्म आरती की गई। बाबा महाकाल का भव्य शृंगार किया गया।

महाकाल मंदिर के पुजारी ने महाआरती संपन्न कराई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। अपने आराध्य देव के दर्शन पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बीती रात से ही कतारबद्ध थे। भस्म आरती के दौरान पुरुषों के लिए पारंपरिक धोती-सोला और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य होता है।

परंपरा के अनुसार, महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म आरती अर्पित की जाती है। मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। बाबा की इस आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन की पावन नगरी पहुंचते हैं।