डॉक्टरों की तलाश में भटकते रहे मरीज:ढाई घंटे के कार्य बहिष्कार ने बढ़ाया मरीजों का दर्द, कहा- वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए
पटना53 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

पीएमसीएच।
पीएमसीएच में बुधवार रात हुई मारपीट के विरोध में गुरुवार को जूनियर डॉक्टरों के ढाई घंटे तक कार्य बहिष्कार ने मरीजों की मुश्किल बढ़ा दी। बिहार के अलग-अलग जिलों से पहुंचे कई मरीजों को दूसरे अस्पताल जाना पड़ा।
1000 से अधिक मरीजों को बिना इलाज कराए लौटना पड़ा। कई गंभीर मरीजों के परिजन डॉक्टरों की तलाश में एक से दूसरे विभाग भटकते दिखे। कुछ परिवार मरीज को ई-रिक्शा और एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल ले गए। डॉक्टरों की हड़ताल से पीएमसीएच में भर्ती मरीजों को काफी परेशानी हुई। मरीजों का कहना है कि पीएमसीएच में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि किसी विवाद या कार्य बहिष्कार की स्थिति में किसी का इलाज प्रभावित न हो।
पेट दर्द से तड़पती अमृता के पति बोले- अब लगता है नहीं बचेगी
मधेपुरा की 50 वर्षीय अमृता देवी को पेट में तेज दर्द है। परिजन उन्हें लेकर पीएमसीएच पहुंचे। लंबी दूरी तय कर पटना पहुंचने के बाद हड़ताल के कारण इलाज की आस टूट गई। अमृता के पति की आंखों में बेबसी थी। रोते हुए बोले- अब लगता है, नहीं बचेगी...। उनकी सबसे बड़ी चिंता यह थी कि अब कहां जाएं। मधेपुरा से पटना तक एंबुलेंस में लाने के बाद फिर दूसरे अस्पताल की तलाश करना परिवार के लिए बेहद मुश्किल था। इलाज में देरी की चिंता के साथ डर भी था कि कहीं रास्ते में अमृता की हालत और न बिगड़ जाए।
दर्द से कराहती रहीं किरण देवी
वैशाली से इलाज कराने पीएमसीएच आईं किरण देवी दर्द से कराह रही थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। हड़ताल के कारण इलाज को लेकर असमंजस की स्थिति बनी तो परिजन अमरेश समझ नहीं पा रहे थे कि मरीज को कहां ले जाएं। एक तरफ किरण दर्द से परेशान थीं, दूसरी ओर निजी अस्पताल का खर्च परिवार की पहुंच से बाहर था। अमरेश ने बताया कि एंबुलेंस वाले ज्यादा पैसे मांग रहे थे। मजबूरी में उन्होंने ई-रिक्शा किया और मरीज को लेकर निजी अस्पताल जा रहे हैं।
मारपीट की घटना में तुरंत प्राथमिकी हो : जेडीए
पीएमसीएच जेडीए अध्यक्ष डॉ. सत्यम कुमार ने कहा कि इंटर्न डॉक्टर सुशांत कुमार की परीक्षा थी, लेकिन मारपीट के कारण वह परीक्षा नहीं दे सके। उनके सिर में गंभीर चोट आई है। प्रशासन और पुलिस से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल समाप्त की गई। डॉक्टरों की मांग है कि अस्पताल परिसर में मारपीट की घटना होने पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी की जाए।
.