‘कॉकरोच’ के समर्थन में आए महात्मा गांधी के पड़पोते, अभिजीत दीपके से मिले; रिजिजू पर क्यों भड़क गए?
Aug 20, 2026 11:33 am ISTलाइव हिन्दुस्तान
तुषार गांधी ने आगे कहा कि जेन जी को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते और सरकार से जवाबदेही मांगते देखकर उनसे छोटी पीढ़ी जेन अल्फा (Gen Alpha) भी प्रेरित हो रही है।

महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी से मिले अभिजीत दीपके।
महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने बुधवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी यानी की जेन जी (Gen Z) ने राष्ट्रपिता के विचारों को सिर्फ प्रतीकों तक सीमित न रखकर उनके असली मूल्यों को सही मायनों में अपनाया और आत्मसात किया है। वहीं, दीपके ने कहा कि गांधी परिवार से मिला यह समर्थन इस बात का प्रमाण है कि उनका आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अहिंसक था और आगे भी रहेगा।
CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा, "गांधीजी की विचारधारा इस देश की आत्मा है। हमारा आंदोलन इसलिए सफल हुआ क्योंकि हम उनके बताए रास्ते पर चले। हमने यह साबित कर दिया कि बापू के विचार कभी मर नहीं सकते। इससे पहले हमारी तुलना नेपाल और बांग्लादेश से की जा रही थी, लेकिन जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि जब पूरी दुनिया गांधीजी से सीख लेती है तो हमें कहीं और देखने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है।"
जंतर-मंतर आदोलन की सराहना
तुषार गांधी ने मीडिया से कहा कि अब तक महात्मा गांधी को केवल स्मारकों और प्रतीकों तक सीमित कर दिया गया था। उन्होंने सरकार की नीतियों पर चुटकी लेते हुए कहा, "यदि हम स्वच्छ भारत अभियान को देखें तो उसमें बापू के चश्मे का लोगो तो लगा है लेकिन आंतरिक स्वच्छता गायब थी। जंतर-मंतर पर हुए इस आंदोलन ने दिखा दिया है कि जेन जी ने बापू के नाम या प्रतीकों के बजाय उनके वास्तविक विचारों को अपनाया है।"
जेन जी से प्रेरित हुए जेन-अल्फा
उन्होंने आगे कहा कि जेन जी को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते और सरकार से जवाबदेही मांगते देखकर उनसे छोटी पीढ़ी जेन अल्फा (Gen Alpha) भी प्रेरित हो रही है। तुषार गांधी के अनुसार, CJP के इस आंदोलन को महाराष्ट्र से भी समर्थन मिल रहा है, जहां बच्चे और युवा अपनी समस्याओं पर सवाल पूछ रहे हैं। सवाल उठाना ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी सफलता है।
आपको बता दें कि 20 जुलाई को CJP के संसद मार्च के दौरान दिल्ली भर में प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई हुई थी, जिसमें आंसू गैस के गोले, लाठीचार्ज, शॉक बैटन और पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोप लगे थे। सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों पर किसी भी तरह की हिंसा से इनकार किए जाने पर तुषार गांधी ने कड़ा एतराज जताया।
उन्होंने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा, "यह जाहिर है कि किरेन रिजिजू ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि वे सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं। हमें युवाओं के धैर्य की सराहना करनी चाहिए। अगर रिजिजू यह कहना चाहते हैं कि पुलिस ने हिंसा नहीं की तो वे सरासर झूठ बोल रहे हैं।"
