भोपाल में ट्विशा शर्मा की बहुचर्चित मौत के मामले में सीबीआई ने रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ भोपाल कोर्ट में 635 पेज की चार्जशीट पेश की है। दोनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, प्रताड़ित करने और सामान्य आशय से जुड
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- एजेंसी का दावा- दहेज हत्या और दहेज की मांग को लेकर जांच जारी
- पहले पीएम में कई चोटें, दूसरे में निशान भी नहीं
भोपाल एम्स में हुए पहले पोस्टमार्टम में ट्विशा के शरीर पर मौत से पहले की कई चोटें पाई गई थीं। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर दिल्ली एम्स में हुए दूसरे पोस्टमार्टम में शरीर पर चोट का एक भी निशान नहीं मिला। दोनों में मौत का कारण फांसी लगाने से दम घुटना बताया गया है। चार्जशीट के मुताबिक, ट्विशा और आरोपियों के मोबाइल की डिजिटल इमेजिंग में मानसिक प्रताड़ना से जुड़ी बातें सामने आई हैं। आरोप है कि समर्थ ट्विशा को गालियां देता था, जबकि गिरिबाला उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करती थीं और समर्थ को भी इसके लिए उकसाती थीं।
संतान नहीं होने पर पहली बहू को भी प्रताड़ित करने का आरोप
- सीबीआई जांच में सामने आया कि गिरिबाला के बड़े बेटे की पूर्व पत्नी दिव्या सिंह को भी शादी के बाद मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ा था। बच्चा न होने और नौकरी को लेकर उन्हें लगातार प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते रिश्ता टूट गया। समर्थ ने गिरिबाला से कथित तौर पर कहा था- ‘पहली वाली को भी अपने बांझ कहकर भगा दिया।’
- जांच के मुताबिक, अप्रैल 2026 में ट्विशा गर्भवती हुई थीं। पति के व्यवहार और मानसिक तनाव के चलते गर्भपात कराने का फैसला लिया। डॉक्टरों की सलाह पर मई की शुरुआत में गर्भपात की दवाएं लीं। इसके बाद सास व पति ने लगातार ताने मारे। परिवार को भेजे गए वॉट्सएप मैसेज में ट्विशा ने खुद को “पगल साबित करने” और “जीवन नरक” बनाने की बात लिखी थी।
- जांच में यह भी सामने आया कि ट्विशा के डीमैट खाते में करीब 20 लाख रुपए के शेयर थे। आरोप है कि गिरिबाला और समर्थ इन शेयरों को संयुक्त खाते में ट्रांसफर करने के लिए ट्विशा पर दबाव डाल रहे थे, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था। सीबीआई की जांच अभी जारी है। आगे अन्य आरोपी बनाए जा सकते हैं और सप्लीमेंटरी चार्जशीट भी पेश की जा सकती है।
मां से आखिरी बातचीत- कहा, समर्थ आक्रामक हो गया है
घटना वाली रात 10:05 बजे ट्विशा ने मां से बात की थी। चार्जशीट के मुताबिक, इस दौरान वह रो रही थीं और उन्होंने समर्थ के आक्रामक व्यवहार की बात दोहराई। इसके बाद फोन कट गया। कॉल रिकॉर्ड के अनुसार, घटना से पहले ट्विशा, उनकी मां, ननद और सास के बीच कई कॉल हुए, लेकिन बाद में ट्विशा ने फोन उठाना बंद कर दिया।
गर्भपात का फैसला वापस लेना चाहती थीं ट्विशा
सीबीआई जांच के अनुसार, 7 मई 2026 को मां रेखा रानी शर्मा की सलाह पर ट्विशा सास गिरिबाला सिंह के साथ हर हेल्थ हॉस्पिटल गई थीं। गिरिबाला की इच्छा के मुताबिक ट्विशा गर्भावस्था को वापस लाने की कोशिश करना चाहती थीं। डॉक्टर ने स्पष्ट किया कि एक बार गर्भपात की दवा लेने के बाद गर्भावस्था वापस नहीं लाई जा सकती। इसके बाद डॉक्टर ने ट्विशा को गर्भपात पूरा करने के लिए दूसरी खुराक लेने की सलाह दी।
ये जांच अभी बाकी
- दहेज हत्या और दहेज की मांग: इन आरोपों पर सीबीआई की जांच अभी जारी है। मौजूदा चार्जशीट में इन धाराओं को शामिल नहीं किया गया है।
- आईफोन डेटा: ट्विशा का आईफोन डेटा एक्सट्रैक्शन के लिए सीएफएसएल दिल्ली भेजा गया है। इसमें केस से जुड़े व सबूत मिलने की संभावना है।
- डीवीआर फुटेज: सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग वाले डीवीआर का डेटा CFSL भेजा गया है, ताकि जांचा जा सके कि रिकॉर्डिंग में छेड़छाड़ हुई या नहीं।
- वॉयस सैंपल: दोनों आरोपियों के वॉयस सैंपल सीएफएसएल भेजे गए हैं। इनका मिलान ट्विशा, समर्थ सिंह और हर्षित शर्मा के फोन से मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग से किया जाएगा।