बासमती और गेहूं के स्वाद से दुनिया में बन रही है रायसेन की पहचान

Published on 17 अग॰ 2026

पिछले वर्ष करीब 1800 करोड़ रुपए का बासमती निर्यात, फलों और सब्जियों की खेती भी बढ़ी

17 अगस्त 2026, भोपाल: बासमती और गेहूं के स्वाद से दुनिया में बन रही है रायसेन की पहचान – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रायसेन के किसानों की मेहनत अब वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना रही है। जिले के बासमती चावल की मांग दुनिया के 47 देशों में है और पिछले वर्ष करीब 1800 करोड़ रुपए का बासमती निर्यात हुआ। रायसेन को दुनिया अब सांची, भीमबेटका और भोजपुर के साथ-साथ बासमती और गेहूं के स्वाद के लिए भी पहचानने लगी है। खास बात यह है कि जिले के किसान पारंपरिक खेती के साथ बड़े पैमाने पर फलों और सब्जियों की खेती की ओर भी बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरेन्द्र पटवा, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई सहित रायसेन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

किसानों के खेत हमारे लिए देवस्थल

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के खेत हमारे लिए देवस्थल हैं और उनके खेत से निकलने वाला दाना-दाना प्रसाद के समान है। सरकार बीज से लेकर बाजार तक किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा मिलती रहेगी और ऋण चुकाने के लिए पूरे एक वर्ष का समय दिया जाएगा। सहकारी खातों की पुरानी गड़बड़ियों को दूर कर हजारों किसानों को ऋण और विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मूंग और उड़द का उपार्जन जारी है। एमएसपी और बोनस के साथ रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों से खरीदा गया है।

प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि उन्हें प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से भी जोड़ा जा रहा है। फूड पार्क, कोल्ड चेन और कृषि प्रसंस्करण से जुड़ी अधोसंरचना के विस्तार से कृषि उत्पादों की वैल्यू चेन मजबूत की जा रही है। तकनीक और नवाचार के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आमदनी बढ़ाने के प्रयास भी जारी हैं।

उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। प्रत्येक जिले में आधुनिक मत्स्य हैचरी विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

केन-बेतवा परियोजना से बढ़ेगी सिंचाई क्षमता

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का लाभ रायसेन को मिलेगा। इससे जिले की सिंचाई क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने किसानों से अपनी खेती की जमीन नहीं बेचने की अपील करते हुए कहा कि भोपाल के आसपास विकसित हो रही सड़क परियोजनाओं का लाभ भविष्य में रायसेन जिले को भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने किसानों से बलराम कृषि महोत्सव में संचालित विभिन्न गतिविधियों का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने हरियाली तीज, स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी की प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।

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