नासिक में यूनिफॉर्म योजना में नहीं चलेगा घटिया कपड़ा! होगी लैब जांच, सीईओ ओमकार पवार का बड़ा फैसला| Navbharat Live

Published on 12 जुल॰ 2026

नासिक में यूनिफॉर्म योजना में नहीं चलेगा घटिया कपड़ा! होगी लैब जांच, सीईओ ओमकार पवार का बड़ा फैसला

  • Written By:

    अंकिता पटेल

Updated On: Jul 12, 2026 | 11:04 AM IST

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सार

Nashik Zilla Parishad: नासिक जिला परिषद के CEO ओमकार पवार ने सरकारी स्कूलों में वितरित यूनिफॉर्म की गुणवत्ता जांच हेतु कई स्कूलों से नमूने मंगाए हैं। कपड़ों की लैब टेस्टिंग कर मानकों की जांच होगी।

Substandard fabric will not be accepted under the uniform scheme in Nashik! Lab testing to be conducted; CEO Omkar Pawar takes a major decision.

मुफ्त यूनिफॉर्म योजना, गुणवत्ता जांच,प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)

विस्तार

Nashik Zilla Parishad School Uniform Quality: नासिक जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार ने जिले में स्कूली छात्रों को बांटे जा रहे यूनिफॉर्म की गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सीईओ ने सुरगाणा, निफाड, सिन्नर और चांदवड़ तहसीलों के स्कूलों से अचानक यूनिफॉर्म के नमूने मंगाए हैं।

इन नमूनों की लैब में जांच कराई जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सरकारी योजना के तहत मिलने वाले कपड़ों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया गया है। स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा ‘मुफ्त यूनिफॉर्म योजना’ को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए जारी नए निर्देशों के तहत यह कार्रवाई की गई है।

इस प्रक्रिया के तहत ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। कपड़ों की सिलाई, रंग और सबसे महत्वपूर्ण कपड़े के प्रकार की बारीकी से जांच की जाएगी। सरकार द्वारा निर्धारित मानकों (पॉलिएस्टर और कॉटन का अनुपात 70:30 या 80:20 होना अनिवार्य) के आधार पर ही कपड़ों की परख होगी।

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रिपोर्ट सीईओ ओमकार पवार को सौंपी जाएगी

जिला परिषद की प्राथमिक शिक्षा अधिकारी साई लता सामलेटी ने जानकारी दी कि जाच प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है।
जल्द ही इसकी विस्तृत रिपोर्ट सीईओ को सौंपी जाएगी।

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प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कक्षा पहली से आठवीं तक के हर छात्र को समय पर उच्च गुणवत्ता वाली और टिकाऊ यूनिफॉर्म उपलब्ध हो।

धन का पारदर्शी उपयोग प्राथमिकता

सीईओ ओमकार पवार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निरीक्षण के दौरान निर्धारित मानकों का उल्लंघन या घटिया स्तर का कपड़ा पाया जाता है, तो संबंधित आपूर्तिकर्ता और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि छात्रों को मिलने वाले यूनिफॉर्म की गुणवत्ता और सरकारी धन का पारदर्शी उपयोग उनकी प्राथमिकता है।

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