बद्रीनाथ नेशनल हाईवे (NH-7) आज, 12 जुलाई को यातायात के लिए फिर से खोल दिया गया है। सिरोबगड़ के पास भारी मलबा आने की वजह से यह रास्ता रात भर बंद रहा, जिसे आज सुबह कड़ी मशक्कत के बाद साफ कर लिया गया। रास्ता खुलने से चारधाम यात्रियों ने राहत की सांस ली है और अब वे अपनी पवित्र यात्रा को आगे बढ़ा सकते हैं। हालांकि, प्रशासन ने यात्रियों को इन संकरे और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है।
भारी बारिश के कारण हुए लैंडस्लाइड से जोशीमठ और औली की ओर जाने वाले यात्रियों को काफी इंतजार करना पड़ा। इस दौरान SDRF के जवान न सिर्फ रास्ता साफ करने में जुटे रहे, बल्कि पहाड़ी इलाकों की लगातार निगरानी भी कर रहे हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल केवल दिन के उजाले में ही वाहनों को आने-जाने की अनुमति दी जा रही है। मानसून के दौरान इन खतरनाक और घुमावदार सड़कों पर विजिबिलिटी बेहतर रहे, इसलिए यह एहतियात बरती जा रही है।
बद्रीनाथ हाईवे खुला: तीर्थयात्रियों के लिए जरूरी सेफ्टी गाइडलाइंस
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा सुबह 5 से 7 बजे के बीच शुरू करें ताकि समय का सही इस्तेमाल हो सके। मानसून के दौरान अचानक होने वाली देरी से बचने के लिए अपने सफर में कम से कम 3 घंटे का अतिरिक्त समय (बफर टाइम) लेकर चलें। हाईवे की ताजा स्थिति जानने के लिए रुद्रप्रयाग और कर्णप्रयाग चेकपोस्ट से लगातार अपडेट लेते रहें। बारिश के दौरान उन ढलानों या चट्टानों के पास फोटो खिंचवाने के लिए न रुकें, जहां पत्थर गिरने का खतरा ज्यादा रहता है।
ऊपरी चेक पोस्ट पर पहुंचने से पहले तीर्थयात्री यह सुनिश्चित कर लें कि उनके रजिस्ट्रेशन की जानकारी अपडेटेड है। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए अधिकारी रोजाना परमिट की जांच कर रहे हैं। अपने दस्तावेज तैयार रखने से आप एंट्री पॉइंट्स पर होने वाली देरी से बच सकते हैं। हाईवे के मुख्य पड़ावों की ताजा स्थिति नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती है:
| लोकेशन सेक्टर | सड़क की वर्तमान स्थिति | यात्रा का सुझाया गया समय |
|---|---|---|
| सिरोबगड़ स्ट्रेच | खुला है (मलबा साफ) | सुबह 6 से शाम 6 बजे तक |
| जोशीमठ सेक्टर | खुला है (सामान्य आवाजाही) | सुबह 6 से शाम 6 बजे तक |
| कर्णप्रयाग लिंक | खुला है (SDRF की निगरानी) | सुबह 6 से शाम 6 बजे तक |
पहाड़ों में मोबाइल सिग्नल कमजोर होने की संभावना रहती है, इसलिए अपने साथ रेन गियर (रेनकोट/छाता) और ऑफलाइन मैप जरूर रखें। हालांकि कस्बों में डिजिटल पेमेंट की सुविधा है, लेकिन छोटे गांवों और दुकानों के लिए अपने पास नकदी (कैश) रखना बेहतर होगा। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर आज शाम फिर से भारी बारिश होती है, तो ट्रैफिक को बीच-बीच में रोका जा सकता है। हिमालय के इन अनिश्चित इलाकों में आपकी तैयारी ही आपकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
चारधाम यात्रा का सफल होना इस बात पर निर्भर करता है कि आप प्रकृति और स्थानीय ट्रैफिक नियमों का कितना सम्मान करते हैं। दिन के उजाले में ड्राइविंग के नियम को मानकर यात्री बिना किसी बड़े जोखिम के बद्रीनाथ और जोशीमठ पहुंच सकते हैं। अपनी यात्रा का हर अगला चरण शुरू करने से पहले स्थानीय मौसम रिपोर्ट जरूर चेक करें। मानसून के इस मौसम में सुरक्षित यात्रा के लिए धैर्य और सावधानी सबसे ज्यादा जरूरी है।