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डॉ. बी. आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में स्मार्ट वियरेबल तकनीक और पर्सनलाइज्ड न्यूट्रिशन को लेकर आयोजित पांच दिवसीय नेशनल शॉर्ट-टर्म कोर्स का समापन हो गया। स्पोर्ट्स एंड हेल्थकेयर रिसर्च सेंटर की ओर से आयोजित इस कोर्स में देशभर के विभिन्न संस्थानों से 145 शिक्षक, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ और विद्यार्थी शामिल हुए। कोर्स में वियरेबल सेंसर और डिजिटल तकनीक के जरिए स्वास्थ्य और खेलों में हो रहे बदलावों पर चर्चा की गई। कोर्स के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल हेल्थ मॉनिटरिंग और स्पोर्ट्स साइंस में तेजी से बढ़ रहा है।
इसके साथ ही पर्सनलाइज्ड न्यूट्रिशन, गट माइक्रोबायोम, कंप्यूटेशनल हेल्थकेयर और डिजिटल हेल्थ जैसे विषयों पर भी प्रतिभागियों को जानकारी दी गई। वियरेबल तकनीक को प्रयोग में लाने और इसके प्रोडक्ट्स को बाजार तक पहुंचाने पर भी विशेषज्ञों ने चर्चा की। वैलिडिक्टरी सेशन में कोर्स में शामिल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। आयोजन टीम ने एनआईटी जालंधर के निदेशक प्रो. बिनोद के. कनौजिया, एसएचआरसी प्रमुख प्रो. मुखोपाध्याय, सीसीई प्रमुख प्रो. अरविंद भारद्वाज और रजिस्ट्रार प्रो. अनिश सचदेवा के मार्गदर्शन के लिए आभार जताया।
आयोजन में प्रो. महेश साह, डॉ. निखिल जी. एन., डॉ. जसपाल और डॉ. अवनी व्यास का विशेष योगदान रहा। इस दौरान संस्थान के डीन प्रो. रोहित मेहरा, प्रो. अजय बंसल, प्रो. एस. के. सिन्हा, प्रो. सुभाष चंद्र, प्रो. रमन बेदी और प्रो. शैलेंद्र बाजपेयी भी मौजूद रहे। पांच दिवसीय कोर्स में देश के 10 प्रमुख संस्थानों से विशेषज्ञ पहुंचे।
इनमें आईआईआईटी ऊना की डॉ. तनु वढेरा, सीएसआईआर - आईएचबीटी,पालमपुर के डॉ. विद्याशंकर एस., एनएसयूटी दिल्ली के डॉ. अभिनव तोमर, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़ की प्रो. दिव्या बंसल, एनआईटी कुरुक्षेत्र की डॉ. प्रतिष्ठा वर्मा, सीआईटी कोकराझार के डॉ. राधाकृष्णन के., एनआईटी कर्नाटक सुरथकल के प्रो. प्रसन्ना बेलूर डी., बीआरआईसी-एनएबीआई मोहाली की डॉ. कांति किरण कोंडेपुडी, सी डीएसी मोहाली के डॉ. संजय मदान और थापर इंस्टीट्यूट पटियाला की डॉ. ज्योति मग्गू शामिल रहीं। विशेषज्ञों ने अपने शोध और तकनीकी अनुभव प्रतिभागियों के साथ साझा किए।