काम की बात: गरीब रेल यात्रियों को बड़ी राहत; अब इन ट्रेनों में होंगी इतनी जनरल बोगियां
Railway News : अब गरीब यात्रियों के लिए ट्रेनों में चलना जल्द ही थोड़ा राहत भरा होने जा रहा है। रेलवे ने इसके लिए सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में स्लीपर और जनरल बोगियों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है।

रेलवे समाचार
अरविंद सिंह, नई दिल्ली
ट्रेन से सफर करने वाले आम और मध्यम वर्ग के यात्रियों के लिए एक बड़ी ही राहत भरी खबर है। अब मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को एलएचबी प्लेटफॉर्म की मानक क्षमता 24 कोच तक विस्तारित किया जाएगा, जिसमें कम से कम 6 से 8 स्लीपर और 4 जनरल डिब्बे अनिवार्य होंगे।
इस बदलाव के लिए रेलवे जल्द ही लगभग 3,200 लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की संरचना के नए मानक लागू करने जा रहा है। इसके तहत अब सभी ट्रेन में स्लीपर और जनरल डिब्बों की न्यूनतम संख्या अनिवार्य रूप से तय होगी। ट्रेन को 24 डिब्बों के मानक एलएचबी रेक में बदलकर अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे। इससे देशभर में सालाना 32 से 36 करोड़ अतिरिक्त यात्री आसानी से सफर कर सकेंगे।
रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में अधिकांश मेल-एक्सप्रेस ट्रेन में 18 से 22 कोच होते हैं, जिनमें स्लीपर के मात्र चार से छह और जनरल के दो से तीन डिब्बे ही लगे होते हैं। इसके लिए नॉन-एसी डिब्बों का निर्माण युद्धस्तर पर चल रहा है।
9,640 नए नॉन एसी डिब्बों का निर्माण होगा
वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 में कुल 9,640 नए नॉन एसी डिब्बों (5,455 जनरल और 4,185 स्लीपर) तैयार किए जाएंगे। 4,838 कोच (2,817 जनरल 2,021 स्लीपर) का उत्पादन किया जा चुका और शेष डिब्बे बनाए जा रहे हैं।
भरी गाड़ी में अतिरिक्त डिब्बे तुरंत जोड़े जाएंगे
इस फैसले से व्यस्ततम ट्रेन वैशाली एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस और अवध-असम एक्सप्रेस में तुरंत अतिरिक्त डिब्बे जोड़े जाएंगे। इससे दिल्ली, सूरत, अहमदाबाद, पुणे और चेन्नई से घर लौटने वाले यात्रियों को वेटिंग लिस्ट से बड़ी राहत मिलेगी।
बता दें कि हर साल होली-दिवाली और छठ के मौके पर अधिकतर सभी ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ देखी जाती है। हर दिन लाखों की तादाद में यात्री ट्रेनों में सफर करते हैं। इसके चलते गरीब यात्री अमानवीय हालत में ट्रेनों के जनरल डिब्बों में सफर करने को मजबूर होते हैं।
रेलवे ने पार्सल रैक की संख्या बढ़ाई
उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल ने पार्सल परिवहन में उपयोगी रैक की संख्या बढ़ा दी है। रेलवे ने बताया कि अगस्त 2025 में मंडल में 164 एसएलआर (सीटिंग कम लगेज रैक) लीज पर संचालित थे। वहीं, अगस्त 2026 में यह संख्या बढ़कर 175 हो गई है। इस प्रकार दिल्ली मंडल ने एसएलआर पार्सल लीजिंग में 6.71 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। एसएलआर की संख्या में हुई इस वृद्धि से पार्सल परिवहन क्षमता में विस्तार होगा।
