मुरैना नगर निगम परिषद बैठक में फर्जी हस्ताक्षरों पर घमासान; भाजपा पार्षद बोले- हमारे दस्तखत नकली
विज्ञापन
सार
Fake Signatures Row Morena: मुरैना नगर निगम की बैठक में भारी हंगामा, 6 महीने बाद बुलाई गई बैठक में विकास की जगह फर्जी हस्ताक्षरों पर छिड़ा घमासान। 'भाजपा मुर्दाबाद' के सदन में गूंजे नारे।

मुरैना नगर निगम में हंगामा (सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
Morena Municipal Corporation Row: मुरैना नगर निगम परिषद की बैठक करीब छह महीने बाद बुलाई गई थी, लेकिन विकास के मुद्दों पर चर्चा शुरू होने से पहले ही बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। अभियाचित सम्मेलन के प्रस्ताव में भाजपा पार्षदों और एमआईसी सदस्यों के हस्ताक्षर को लेकर विवाद खड़ा हो गया। देखते ही देखते सदन में “भाजपा मुर्दाबाद” और “महापौर मुर्दाबाद” के नारे गूंजने लगे। लगातार बढ़ते हंगामे के बीच सभापति ने बैठक को 11 अगस्त तक स्थगित कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष विनीत कंसाना ने करीब 25 पार्षदों के हस्ताक्षर वाला पत्र सभापति राधारमण डंडौतिया को सौंपकर परिषद की बैठक बुलाने की मांग की थी। इसी मांग पर शुक्रवार को अभियाचित सम्मेलन आयोजित किया गया। बैठक में चर्चा के लिए कुल आठ प्रस्ताव रखे गए थे। शुरुआत में वार्ड नंबर-14 के पार्षद युवराज डंडौतिया ने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा उठाया।
हस्ताक्षरों को लेकर आमने-सामने आए पार्षद
इसी दौरान स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर महापौर शारदा सोलंकी बैठक में शामिल नहीं हुईं। उनकी गैरमौजूदगी में प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे एमआईसी सदस्य बदनसिंह यादव ने प्रस्ताव में दर्ज कुछ हस्ताक्षरों को फर्जी बताते हुए कार्रवाई की मांग की। इसके बाद विवाद बढ़ गया। एमआईसी सदस्य दिनेश तोमर समेत कुछ पार्षद सभापति की आसंदी के सामने जमीन पर बैठ गए और एफआईआर की मांग करने लगे।
सम्बंधित ख़बरें
नेता प्रतिपक्ष ने दी एफआईआर की चुनौती
नेता प्रतिपक्ष विनीत कंसाना ने कहा कि प्रस्ताव पर किए गए हस्ताक्षर असली हैं और यदि जांच में फर्जी साबित होते हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर करा दी जाए। वहीं भाजपा पार्षद प्रेमवती उपाध्याय ने दावा किया कि उन्होंने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए और उनके नाम से किए गए हस्ताक्षर फर्जी हैं। सभापति ने नगर निगम आयुक्त सत्येंद्र धाकरे को हस्ताक्षरों की जांच कराने के निर्देश दिए।
यह भी पढ़ें: दिल्ली में मध्य प्रदेश के नेताओं की बढ़ी सक्रियता, PM और केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकातों ने बढ़ाई सियासी चर्चा
पार्षद ने महापौर पर लगाए गंभीर आरोप
पार्षद विजय डंडौतिया ने फर्जी हस्ताक्षर के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने महापौर की गैरमौजूदगी पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि शहर में जलभराव समेत कई समस्याएं हैं, लेकिन महापौर उन मुद्दों पर सदन में जवाब देने नहीं पहुंचीं। उन्होंने नगर निगम के आयोजन और करीब एक करोड़ रुपये के खर्च की जांच का मुद्दा भी उठाया। हंगामे के कारण किसी प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी और बैठक 11 अगस्त तक स्थगित कर दी गई।
