ऊना दलित कांड: आरोपियों के बरी होने पर मायावती ने जताई चिंता, गुजरात सरकार पर साधा निशाना

Published on 7 अग॰ 2026

ऊना दलित कांड: आरोपियों के बरी होने पर मायावती ने जताई चिंता, गुजरात सरकार पर साधा निशाना

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने साल 2016 के चर्चित ऊना दलित कांड पर चिंता जताते हुए कहा कि हाईकोर्ट में चुनौती देने के लिए पीड़ित दलित परिवारों को भारी वित्तीय और अन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने साल 2016 के चर्चित ऊना दलित कांड पर चिंता जताते हुए कहा कि हाईकोर्ट में चुनौती देने के लिए पीड़ित दलित परिवारों को भारी वित्तीय और अन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

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Una Dalit case: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने साल 2016 के चर्चित ऊना दलित कांड के आरोपियों के बरी होने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत बयान जारी कर पीड़ित परिवारों की कानूनी और आर्थिक चुनौतियों का मुद्दा उठाया है और गुजरात सरकार से इस मामले में तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है.

बहुजन समाज में व्याप्त है भारी चिंता

बसपा प्रमुख ने अपने बयान में बताया कि गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के ऊना में साल 2016 में दलितों पर जघन्य अत्याचार हुआ था. इस मामले के लगभग सभी अभियुक्तों को स्थानीय अदालत ने इसी साल मार्च में बरी कर दिया है. मायावती ने चिंता जताते हुए कहा कि इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने के लिए पीड़ित दलित परिवारों को भारी वित्तीय और अन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि इस विचलित करने वाली सच्चाई के कारण विशेषकर बहुजन समाज के लोगों में भारी चिंता का माहौल है.

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सरकारी लापरवाही और उदासीनता का आरोप

मायावती ने घटना के समय के अपने दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वह खुद पीड़ितों से मिलने वहां गई थीं और सच्चाई जानने के बाद राज्य सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की थी. उन्होंने निराशा व्यक्त की कि देशभर में हुए भारी विरोध और आक्रोश के बावजूद 40 में से 35 आरोपियों का बरी हो जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने इसे दलितों के प्रति सरकारी द्वेष, उनके हितों की अनदेखी और सुरक्षा के प्रति सरकार की लापरवाही व उदासीनता का सीधा परिणाम बताया है.

मुफ्त कानूनी सहायता और हाईकोर्ट में पैरवी की मांग

राज्य सरकार से अपनी गलती सुधारने की अपील करते हुए मायावती ने मांग की है कि सरकार इस मामले की हाईकोर्ट में मजबूती से पैरवी करे. उनका कहना है कि सभी दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके और समाज में एक कड़ा संदेश जाए. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी मांग रखी कि पीड़ित परिवारों की संतुष्टि के अनुसार उन्हें सरकारी खर्च पर वकील मुहैया कराया जाए.  उन्होंने अपनी पूर्ववर्ती उत्तर प्रदेश सरकार का उदाहरण देते हुए याद दिलाया कि बसपा शासनकाल में गरीबों के लिए मुफ्त कानूनी सहायता का विशेष कानूनी प्रावधान किया गया था, और गुजरात सरकार को भी उसी तर्ज पर पीड़ितों की मदद करनी चाहिए.