फ्रोजन मटर में ताजी मटर के बराबर ही न्यूट्रिशन मौजूद होता है और इसमें किसी प्रिजर्वेटिव की जरूरत नहीं पड़ती। अगर ताजी मटर उपलब्ध न हो, तो बिना किसी झिझक के फ्रोजन मटर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
Frozen Vegetable Health Tips : भागदौड़ भरी जिंदगी में रसोई का काम आसान बनाने के लिए फ्रोजन सब्जियों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है।
इनमें सबसे ज्यादा मांग फ्रोजन मटर की होती है, जो साल के बारह महीने हर किचन में आसानी से मिल जाती है। हालांकि, कई लोगों को लगता है कि महीनों पुरानी यह मटर सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती है।
अक्सर मन में यह सवाल आता है कि क्या फ्रोजन मटर में केमिकल्स मिले होते हैं या फ्रीज होने से इसके पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं? आइए जानते हैं कि सेहत के लिहाज से फ्रोजन मटर कितनी सही है।
फ्रोजन मटर कैसे तैयार होती है?
जब मटर के दाने पूरी तरह पककर तैयार हो जाते हैं, तब उन्हें तोड़कर साफ किया जाता है। इसके बाद इन्हें बेहद कम तापमान यानी -18°C पर फ्रीज कर दिया जाता है।
इतने कम तापमान पर बैक्टिरिया की ग्रोथ पूरी तरह रुक जाती है। साथ ही सब्जियों को खराब करने वाले एंजाइम्स भी निष्क्रिय हो जाते हैं।
यही वजह है कि ये बिना खराब हुए लंबे समय तक सुरक्षित रहती हैं। इसके विपरीत, बाजार में मिलने वाली ताजी मटर को थोड़ा पहले तोड़ लिया जाता है ताकि ट्रांसपोर्ट के दौरान वे सड़ न जाएं।
क्या फ्रोजन मटर के न्यूट्रिशंस खत्म हो जाते हैं?
एक आम धारणा यह है कि ताजी सब्जियां हमेशा फ्रोजन से ज्यादा पौष्टिक होती हैं। हालांकि, वैज्ञानिक अध्ययन कुछ और ही कहानी बताते हैं।
फ्रेश और फ्रोजन सब्जियों पर की गई दो साल लंबी स्टडी में पाया गया कि दोनों के न्यूट्रिशन में कोई खास फर्क नहीं होता।
मटर को तोड़ने के तुरंत बाद फ्रीज कर दिया जाता है, जिससे उसके विटामिन सी, फाइबर और अन्य मिनरल्स लॉक हो जाते हैं।
दूसरी तरफ, ताजी मटर खेत से आपकी प्लेट तक पहुंचने में कई दिन लेती है, जिससे उसके पोषक तत्व धीरे-धीरे कम होने लगते हैं।
क्या इसमें केमिकल्स और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं?
लोग अक्सर फ्रोजन मटर खरीदने से इसलिए बचते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इसमें प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं। सच्चाई यह है कि फ्रोजन मटर पूरी तरह से प्रिजर्वेटिव फ्री होती है।
जब मटर को -18°C पर रखा जाता है, तो उसमें कोई बायोलॉजिकल बदलाव नहीं हो सकता। ऐसे में कंपनियों को प्रिजर्वेटिव या केमिकल मिलाने की कोई जरूरत ही नहीं पड़ती।
स्वाद और इस्तेमाल का फर्क
पोषण के मामले में ताजी और फ्रोजन मटर में भले अंतर न हो, लेकिन स्वाद में हल्का फर्क महसूस हो सकता है। ताजी मटर में स्वाभाविक मिठास और क्रंच थोड़ा ज्यादा होता है।
अगर आप किचन में अपना समय बचाना चाहते हैं और मौसम न होने पर भी मटर का आनंद लेना चाहते हैं, तो फ्रोजन मटर एक पूरी तरह सुरक्षित और पौष्टिक विकल्प है।