सपा सांसदों का केंद्र और यूपी सरकार पर हमला, डिंपल यादव बोलीं- युवाओं के मुद्दों से ध्यान भटका रही सरकार| Navbharat Live

Published on 6 अग॰ 2026

सपा सांसदों का केंद्र और यूपी सरकार पर हमला, डिंपल यादव बोलीं- युवाओं के मुद्दों से ध्यान भटका रही सरकार

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सार

Dimple Yadav Parliament: सपा सांसद डिंपल यादव ने केंद्र और यूपी सरकार पर युवाओं के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। पेपर लीक, छात्र आंदोलन और राम मंदिर दान पर चर्चा की मांग की।

SP MPs attack the Centre and UP governments, Dimple Yadav says the government is diverting attention from youth issues

डिंपल यादव और सपा के अन्य सांसद (सोर्स-आईएएनएस)

विस्तार

Dimple Yadav Parliament Youth Issues: समाजवादी पार्टी के सांसदों ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की जानबुझ कर ऐसे मुद्दो को उठा रही है। जिनका उद्देश्य देश के जनता का ध्यान युवाओं, छात्रों और रोजगार से जुड़े वास्तविक सवालों से हटाना तथा समाज में विभाजन पैदा करना है। सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा की सरकार बटों और राज करो की नीती पर काम कर रही है। वहीं सपा के नेता राम गोपाल यादव और राजीव राय ने छात्र आंदोलनों, कथित पेपर लीक, संभल हिंसा की रिपोर्ट तथा विपक्षी कार्यक्रमों की अनुमति रद्द किए जाने पर और गृह मंत्री से सदन में इस मुद्दे पर जवाब मांगा है।

डिंपल यादव से सरकार पर साधा निशाना

सपा सांसद डिंपल यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारे देश की सरकार ‘बांटो और राज करो’ की नीति पर काम कर रही है। जब भाजपा की विचारधारा और उसके सहयोगियों के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, तब सरकार लोगों का ध्यान भटकाने के लिए नए विवादास्पद मुद्दे सामने ला रही है। समाज के सामने असली सवाल यह है कि सड़कों पर बच्चों की मौत क्यों हुई, उन पर पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों किया गया और छात्राओं पर लाठीचार्ज क्यों किया गया।

गृह मंत्री से मांगा जवाब

डिंपल यादव ने आगे कहा कि पूरा विपक्ष चाहता है कि गृह मंत्री सदन में आकर इन मुद्दों पर जवाब दें, लेकिन वे संसद में चर्चा से बच रहे हैं। जब भी समाज में ध्रुवीकरण या तुष्टिकरण जैसे विषय आते हैं, तब सरकार सक्रिय दिखाई देती है, लेकिन युवाओं और छात्रों से जुड़े सवालों पर जवाब देने से परहेज करती है। विपक्ष की मांग है कि संसद में युवाओं के साथ अन्याय और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर व्यापक चर्चा कराई जाए।

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राम मंदिर पर सरकार को घेरा

राम मंदिर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वाराणसी दौरे के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि एक उद्योगपति ने अकेले 11 करोड़ रुपए का दान दिया था। जब इतने बड़े स्तर पर लोगों ने श्रद्धा के साथ योगदान दिया है, तब मंदिर निर्माण और दान से जुड़ी अनियमितताओं पर भी संसद में चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जो दल धर्म के नाम पर वोट मांगते हैं, वही अब इस विषय पर चर्चा से बच रहे हैं।

झारखंड छात्र आदोलन का किया जिक्र

झारखंड में चल रहे जेपीएससी छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए डिंपल यादव ने उत्तर प्रदेश में लगातार हो रहे कथित पेपर लीक का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में 21 से अधिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं।

साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 29 हजार प्राथमिक विद्यालय बंद किए जा रहे हैं, जिससे करीब एक करोड़ बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। सरकार को इन बुनियादी मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम रद्द किए जाने पर सवाल

प्रयागराज में कांग्रेस के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की ग्राउंड बुकिंग रद्द किए जाने पर भी डिंपल यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी राजनीतिक दल को कार्यक्रम आयोजित करने का अधिकार है और यदि सरकार ऐसे आयोजनों को रोकती है तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि पहले भी जनेश्वर मिश्र की जयंती से जुड़े कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई थी, जो उनका अपमान है।

कानूनो को अनदेखी करने की आरोप

वहीं, इसी मुद्दे को लेकर सपा के वरिष्ठ सांसद राम गोपाल यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर नियमों और कानूनों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं को सभी नियमों से ऊपर समझने लगी है और विपक्षी दलों के कार्यक्रमों को अनुमति न देकर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता समय आने पर इसका जवाब देगी।

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सपा नेता ने लगाए आरोप

सपा सांसद राजीव राय ने राम मंदिर और संसद में विपक्ष के रवैये को लेकर सरकार पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने यह दावा किया था कि विपक्ष ने राम मंदिर के मुद्दे पर काली पट्टी बांधी थी, जबकि ऐसा कोई वीडियो मौजूद नहीं है।

राजीव राय ने कहा कि यदि ऐसा कोई प्रमाण दिखा दिया जाए तो वे इस्तीफा देने को तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सदन के भीतर और बाहर लगातार भ्रामक नैरेटिव प्रस्तुत कर रही है।

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