Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के डिलारी थाना इलके के मलकपुर गांव में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां खेतों में काम करने गए एक गरीब मजदूर बाबू मलिक पर झाड़ियों में घात लगाकर बैठे खूंखार तेंदुए ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया है. इस अचानक हुए भयानक हमले में मजदूर गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गया है. पीड़ित की पत्नी इशरत के अनुसार, उनके पति गांव की अन्य महिलाओं के साथ गन्ने के खेत में छिलाई तथा पत्ता बांधने के मजदूरी कार्य हेतु गए हुए थे. सुबह के समय अचानक तेंदुए ने उन पर झपट्टा मार दिया है. साथ मौजूद महिलाओं तथा स्थानीय निवासियों के अदम्य साहस, चीख-पुकार और शोर-शराबे के कारण तेंदुए को भागने पर मजबूर होना पड़ा है. जिससे मजदूर की जान बाल-बाल बच गई है.
जानकारी के मुताबिक, इस घटना की सूचना फैलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया थी. ग्रामीणों ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर घायल मजदूर को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया था. यहां चिकित्सकों ने उनकी प्राथमिक चिकित्सा की थी, घायल मजदूर की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल मुरादाबाद रेफर कर दिया है. बीते दिनों ठाकुरद्वारा इलाके में भी तेंदुए के हमले में एक महिला की मौत हो चुकी है, जिससे पूरे इलाके में भारी दहशत का माहौल व्याप्त है.
मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारी
घटना के पश्चात् पूरे डिलारी इलाके के ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और भारी भय व्याप्त है. स्थानीय निवासियों का का कहना है कि इस पूरे क्षेत्र में लंबे समय से हिंसक वन्यजीवों की लगातार आवाजाही देखी जा रही है. परंतु प्रशासनिक स्तर और वन विभाग द्वारा सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए है. किसानों का आरोप है कि समय रहते प्रभावी कदम न उठाए जाने के कारण आज निर्दोष मजदूरों की जान संकट में पड़ रही है. भयभीत ग्रामीणों ने वन विभाग से तुरंत गांव के समीप पिंजरा लगाने और रात्रि गश्त बढ़ाने की पुरजोर मांग उठाई है.
वन विभाग भी हुआ हाई अलर्ट
ग्रामीण कृषि कार्य ही आजीविका का मुख्य साधन है. ऐसे में गन्ने के खेतों में तेंदुए की मौजूदगी से दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों का खेतों में जाना अत्यंत दूभर हो गया है. हाल ही में लालापुर पीपलसाना गांव में हुई दुखद घटना के बाद इस ताजा हमले ने वन प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं. क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस खूंखार तेंदुए को पकड़कर जंगल में सुरक्षित न भेजा गया, तो वे मजबूरन आंदोलन करेंगे है. प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की गुहार लगाई गई है. मुरादाबाद में वन विभाग के अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं. वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि वह वन जीव को रेस्क्यू करते हुए कार्य काम रहे हैं.

शारिक सिद्दिकी
पिछले 4 सालों से पत्रकारिता के फील्ड में हूं, निष्पक्ष पत्रकारिता का पक्षधर और सच्चाई के साथ अपने कर्तव्य का पालन करना ही मेरा उद्देश्य.
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