मार्क जकरबर्ग ने विवाद के बीच मांगी माफी, बोले- कंटेंट बूस्ट करने के लिए मिले थे पैसे
Aug 05, 2026 06:11 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
Mark Zuckerberg apologies: मेटा के चीफ मार्क जकरबर्ग ने प्लेटफॉर्म्स पर हो रही गलतियों को लिए माफी मांगी है। उन्होंने माना कि प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों से जुड़े यौन अपराध और डीपफेक कंटेंट दिखाया जा रहा है। उन्होंने इसके लिए माफी मांगी है।

मार्क जकरबर्ग ने प्लेटफॉर्म्स पर CSAM और डीपफेक कंटेंट दिखाने के लिए मांगी माफी
Mark Zuckerberg Apologies: फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM), डीपफेक कंटेंट को प्लेटफॉर्म्स पर दिखाने के लिए माफी मांगी है। केंद्र सरकार के बीच चल रहे विवाद के बीच उन्होंने अपना माफी नामा भेजा है। यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब केंद्र सरकार और मेटा के अधिकारियों के बीच में हाल ही में एक बैठक हुई थी। इसमें सोशल मीडिया साइट्स पर चल रहे CSAM और डीपफेक कंटेंट को लेकर बात की गई थी।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक मेटा चीफ को साफ तौर पर बताया गया कि वह किसी मध्यस्थ की भूमिका में नहीं आते हैं। मेटा ही इस बात को तय करता है कि किसे कौनसा कंटेंट मिलेगा और कैसे मिलेगा। इसलिए, IT एक्ट के तहत मिलने वाली 'सेफ हार्बर' (सुरक्षा) की सुविधा उन पर लागू नहीं होती। इससे पहले इससे पहले भाजपा सांसद निशिकांत दुबे वाली संसदीय समिति ने जुकरबर्ग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वीडियो को हटाने को लेकर भी माफी मांगने के लिए कहा था। इसके लिए उन्होंने जुकरबर्ग को तीन दिन का समय दिया था। इसी समिति ने मेटा के ग्लोबल अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान CSAM और डीपफेक को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की थी। इसके बाद जुकरबर्ग ने इन मामलों में माफी मांग ली है।
कंटेंट बूस्ट करने के लिए मिले थे पैसे- जकरबर्ग
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा चीफ ने अपने माफी नामे में इस बात को स्वीकार किया है कि कुछ खास तरह के कंटेंट को बूस्ट करने के लिए काफी पैसे दिए गए थे। उन्होंने इस मामले में माफी मांगी और अपनी गलती पर अफसोस जताया। सूत्रों के मुताबिक, सरकार मेटा चीफ की इस माफी से संतुष्ट नहीं है। इस मामले में जल्दी ही मेटा अधिकारियों को फिर से बुलाया जाएगा।
बता दें, जकरबर्ग की यह माफी उस जांच से जुड़ी हुई है, जिसमें यह सामने आया था कि मेटा के प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े एड चलाए जा रहे हैं। BBC EYE के मुताबिक करीब 30 अलग-अलग विज्ञापनों की पहचान की गई थी, जिनमें यौन शोषण को बढ़ावा दिया जा रहा था। बाद में इसकी जानकारी भारतीय अधिकारियों को दी गई। इसके बाद इस मामले में मेटा से जवाब मांगा गया था।
