
उदयनिधि स्टालिनImage Credit source: TV9
तमिलनाडु के तंजावुर में DMK के विरोध-प्रदर्शन के तेज होने के बाद, विपक्षी नेता उदयनिधि स्टालिन को चेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन लाया गया. इस दौरान पूरे तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन हुए. हालांकि थाने में लंबी पूछताछ के बाद उन्हें थाने से ही बेल पर रिहा कर दिया. इससे पहले उदयनिधि सोमवार को तंजावुर में कावेरी जल विवाद पर आयोजित रैली में भी मौजूद थे.
इसी दौरान भीड़ में “तृषा, तृषा” के नारे लगे. आरोप है कि इस पर उदयनिधि ने कहा, “पानी कहीं और पहुंचे या न पहुंचे, वहां जरूर पहुंचना चाहिए.” बाद में सफाई दी कि उनका इशारा कावेरी के पानी की ओर था. इसके बाद विजय की पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता की शिकायत पर पुलिस ने उनके खिलाफ 6 धाराओं में केस दर्ज किया है.
गिरफ्तारी से बचने के लिए उदयनिधि ने मद्रास हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी. हालांकि, उस पर सुनवाई होने से पहले ही पुलिस ने उन्हें अरेस्ट कर लिया. मद्रास हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि उदयनिधि को पूछताछ के बाद आज ही रिहा कर दिया जाए. हालांकि लंबी पूछताछ के बाद उन्हें थाने से ही बेल पर रिहा कर दिया गया.
पुलिस वैन में बैठकर काटा हंगामा
बताया जाता है कि पुलिस ने उदयनिधि को गिरफ्तार कर पुलिस वैन में बैठा लिया. इसके बाद उन्होंने बाहर निकलने से इनकार कर दिया और जिद की कि उन्हें उसी पुलिस स्टेशन ले जाया जाए जहां उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी, ताकि उनसे वहीं पूछताछ की जा सके. इस दौरान पुलिस अधिकारी उन्हें पुलिस स्टेशन में चलने के लिए मनाते दिखे.
लंबी बातचीत के पुलिस स्टेशन गए
पुलिस के साथ लंबी बातचीत के बाद, विपक्षी नेता उदयनिधि स्टालिन वैन से बाहर निकले और चेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन के अंदर चले गए. क्योंकि तंजावुर शहर में विरोध-प्रदर्शन के कारण तय जगह तक पहुंचना मुश्किल हो गया था. बातचीत के बाद, उदयनिधि स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया. इस घटनाक्रम से कुछ समय के लिए इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया.
DMK कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प
बताया जाता है कि इस बीच, जब चेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन में उदयनिधि स्टालिन से पूछताछ हो रही थी, तो स्टेशन के बाहर DMK कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई. हालांकि पुलिस ने किसी तरह स्थिति पर काबू पा लिया. वहीं, DMK कार्यकर्ताओं ने उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी की निंदा की.

मोहम्मद जुनेद अख्तर
मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं. करियर की शुरुआत साल 2013 में 'अमर उजाला' गाजियाबाद से की थी. यहां इन्होंने करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया. फरवरी 2014 में नवोदय टाइम्स अखबार से जुड़ गए और गाजियाबाद में ही रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर की. करीब एक साल बाद 2015 में गाजियाबाद से दिल्ली ट्रांसफर हो गया. दिल्ली में अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए. अगस्त 2016 में दिल्ली से नोएडा ट्रांसफर हो गया. नोएडा में क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम किया. इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला. 2024 में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. इस दौरान 'उत्तर प्रदेश टाइम्स' की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया. जनवरी 2025 में न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. यहां जुनेद अख्तर ने बतौर सब एडिटर काम किया और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर काम किया. सितम्बर 2025 से TV9 भारतवर्ष की वेबसाइट में सीनियर सब एडिटर के तौर पर जुड़े.
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