‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर पर अपराधियों की एंट्री के सवाल पर प्रतिक्रिया दी है. TV9 भारतवर्ष मराठी से बात करते हुए, उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन में अपराधियों की मौजूदगी का दिल्ली पुलिस को अब क्यों पता चला. जबकि जंतर-मंतर पर बिना चेकिंग किसी की भी एंट्री नहीं हो रही थी. खुद उन्हें भी बिना चेकिंग एंट्री नहीं मिलती थी, तो ऐसे में अपराधी कैसे आ गए.
उन्होंने सवाल किया कि क्रिमिनल खुलेआम कैसे घूम सकते हैं, दिल्ली पुलिस के इस दावे का जिक्र करते हुए कि जंतर-मंतर पर 2,100 क्रिमिनल मौजूद थे. दीपके ने सवाल किया इन सभी को जंतर-मंतर पर एंट्री कैसे मिल गई. ये सवाल तो दिल्ली पुलिस से किया जाना चाहिए था. ये उनका फेलियर है. दिपके ने कहा कि कुछ लोग दावा कर रहे थे कि उनकी सरकार में कोई इस्तीफा नहीं होता. 12 साल तक कोई इस्तीफा नहीं दिया गया. लेकिन देश के युवाओं ने एक मंत्री को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया है.
स्टूडेंट्स के उत्पीड़न पर बात
स्टूडेंट्स के उत्पीड़न पर बात करते हुए, दिपके ने कहा कि सरकार ने आंदोलन खत्म करने का भरोसा दिया था, और वादा किया था कि स्टूडेंट्स के खिलाफ दर्ज केस वापस ले लिए जाएंगे और उन्हें कोई उत्पीड़न नहीं झेलना पड़ेगा. हालांकि, अब पूरे देश से ऐसी खबरें आ रही हैं कि स्टूडेंट्स के खिलाफ केस दर्ज किए जा रहे हैं.
आंदोलन की चेतावनी के बाद केस लिए वापस
दिपके ने बताया कि उन्होंने यह मामला सरकार के सामने फिर से उठाया था, और अधिकारी सभी केस वापस लेने पर सहमत हो गए थे. उन्होंने सरकार को यह भी चेतावनी दी कि अगर यही स्थिति रही, तो वे एक और आंदोलन शुरू करेंगे और धरना देंगे.
इसके बाद, बिहार, बंगाल, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों की सरकारों ने नोटिफिकेशन जारी कर कहा कि वे किसी भी प्रदर्शनकारी या स्टूडेंट्स को परेशान नहीं करेंगे.
दिल्ली समेत कुछ इलाकों में केस नहीं लिए वापस
उन्होंने कहा कि दिल्ली समेत कुछ इलाकों में अभी तक केस वापस नहीं लिए गए हैं. उन्होंने कहा, “हम सरकार को मनाने की कोशिश कर रहे हैं. अगर वे नहीं मानते हैं, तो हम एक और आंदोलन करेंगे.”

मोहम्मद जुनेद अख्तर
मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं. करियर की शुरुआत साल 2013 में 'अमर उजाला' गाजियाबाद से की थी. यहां इन्होंने करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया. फरवरी 2014 में नवोदय टाइम्स अखबार से जुड़ गए और गाजियाबाद में ही रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर की. करीब एक साल बाद 2015 में गाजियाबाद से दिल्ली ट्रांसफर हो गया. दिल्ली में अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए. अगस्त 2016 में दिल्ली से नोएडा ट्रांसफर हो गया. नोएडा में क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम किया. इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला. 2024 में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. इस दौरान 'उत्तर प्रदेश टाइम्स' की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया. जनवरी 2025 में न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. यहां जुनेद अख्तर ने बतौर सब एडिटर काम किया और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर काम किया. सितम्बर 2025 से TV9 भारतवर्ष की वेबसाइट में सीनियर सब एडिटर के तौर पर जुड़े.
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