खगड़िया में शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में जिलाधिकारी विक्रम वीरकर की अध्यक्षता में जनसमाधान दिवस और जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (DLCC/DLRC) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
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इस दौरान जिलाधिकारी ने आम लोगों की समस्याओं को सुना और उनके त्वरित तथा गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत ऋण वितरण की धीमी प्रगति पर बैंक अधिकारियों को फटकार लगाते हुए लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया।
जनसमाधान दिवस के दौरान खगड़िया और गोगरी के अनुमंडल पदाधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में कुल 18 आवेदन प्राप्त हुए।

इन आवेदनों में राजस्व, शिक्षा, नगर परिषद, पंचायत राज, भू-अर्जन, अभिलेखागार और अंचल कार्यालयों से संबंधित मामलों की सुनवाई की गई।
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार, पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने जनसमाधान दिवस का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराना बताया।इसके बाद समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला स्तरीय बैंकर्स समिति
(DLCC/DLRC) की बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME), प्रधानमंत्री सूर्यघर: मुफ्त बिजली योजना, एमएसएमई, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) तथा कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र से संबंधित ऋण योजनाओं की बैंकवार समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कई बैंकों की उपलब्धि निर्धारित लक्ष्य से काफी कम है। उन्होंने बैंक अधिकारियों को लंबित ऋण आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने, पात्र लाभार्थियों को बिना
अनावश्यक विलंब ऋण उपलब्ध कराने और अस्वीकृत आवेदनों का लिखित कारण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने जिला उद्योग केंद्र को सभी प्रखंडों और जिला मुख्यालय स्तर पर उद्योग मेला आयोजित करने तथा संभावित उद्यमियों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने का निर्देश भी दिया।
उन्होंने जोर दिया कि रोजगार सृजन और स्वरोजगार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए बैंक, उद्योग केंद्र, जीविका, कृषि एवं पशुपालन विभाग आपसी समन्वय से योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।

बैठक में वित्तीय समावेशन, प्राथमिकता क्षेत्र ऋण, डिजिटल बैंकिंग, वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग लोकपाल से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निस्तारण और वार्षिक ऋण योजना (Annual Credit Plan) के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने जिन बैंकों का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो कम है, उन्हें उत्पादक क्षेत्रों में ऋण वितरण बढ़ाने के निर्देश दिए तथा लीड बैंक को सभी बैंकों की नियमित निगरानी कर अगली समीक्षा बैठक तक उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित कराने को कहा।