खाद की कालाबाजारी पर योगी सरकार सख्त, सीएम ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश

Published on 29 जुल॰ 2026

खाद की कालाबाजारी पर योगी सरकार सख्त, सीएम ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश

Yogi Government: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. इसी उद्देश्य से उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी और ओवररेटिंग के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई गई है.

Yogi Government: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. इसी उद्देश्य से उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी और ओवररेटिंग के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई गई है.

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CM Yogi Photograph: (CM Yogi)

Yogi Government: उत्तर प्रदेश में किसानों को समय पर और उचित दाम पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. इसी उद्देश्य से उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी और ओवररेटिंग के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई गई है.

योगी सरकार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो भी व्यक्ति या संस्था खाद की कालाबाजारी या तय कीमत से अधिक दाम वसूलते हुए पाई जाए, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. प्रदेश में खरीफ और रबी जैसी फसलों की खेती के दौरान उर्वरक (खाद) की मांग काफी बढ़ जाती है. ऐसे समय में किसानों को समय पर खाद मिलना बेहद जरूरी होता है. सरकार का प्रयास है कि किसी भी जिले में उर्वरक की कमी न होने पाए और हर किसान को उसकी जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो. इसके लिए लगातार जिलों में उर्वरक की उपलब्धता की समीक्षा की जा रही है और वितरण व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है.

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अधिकारियों को दिए ये निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उर्वरक वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो. यह सुनिश्चित किया जाए कि खाद सीधे किसानों तक पहुंचे और बिचौलियों को इसका फायदा उठाने का मौका न मिले. साथ ही सभी अधिकृत विक्रेताओं को निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरक बेचने के निर्देश दिए गए हैं. यदि कोई दुकानदार तय कीमत से अधिक वसूली करता है या खाद की कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

योगी सरकार का मानना है कि खेती प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव है और किसान उसकी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं. इसलिए किसानों को किसी भी तरह की परेशानी से बचाना सरकार की प्राथमिकता है. उर्वरक की सुचारु आपूर्ति से किसानों को समय पर बुवाई और फसल की देखभाल में मदद मिलेगी, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और उनकी आय में भी सुधार होगा.

लगातार होगी निगरानी

प्रदेश भर में कृषि विभाग और जिला प्रशासन को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि उर्वरक की दुकानों पर लगातार निगरानी रखी जाए और स्टॉक की जांच की जाए. जहां कहीं भी कालाबाजारी, जमाखोरी या ओवररेटिंग की शिकायत मिले, वहां तुरंत कार्रवाई की जाए. इससे न केवल व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी, बल्कि किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा.

सरकार आधुनिक तकनीक और बेहतर निगरानी व्यवस्था के माध्यम से उर्वरक वितरण प्रणाली को और प्रभावी बनाने पर भी काम कर रही है. लक्ष्य यह है कि किसानों को बिना किसी परेशानी के सही समय पर पर्याप्त उर्वरक मिले और उन्हें अनावश्यक रूप से अधिक कीमत न चुकानी पड़े.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि समय पर उर्वरक की उपलब्धता अच्छी फसल के लिए बेहद जरूरी है. यदि किसानों को सही समय पर खाद मिलती है, तो फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बेहतर होते हैं. यही कारण है कि सरकार उर्वरक की उपलब्धता को लेकर लगातार सक्रिय है और किसी भी तरह की अनियमितता को रोकने के लिए सख्त रुख अपना रही है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता, पारदर्शी वितरण और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की नीति पर काम कर रही है. इससे किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद मिलेगी, खेती को मजबूती मिलेगी और प्रदेश का कृषि क्षेत्र आगे बढ़ने में मदद मिलेगी.

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