पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा उपचुनाव से पहले एक बड़ा सियासी यू-टर्न देखने को मिला है। ममता बनर्जी गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने रेजीनगर सीट से अपना नामांकन वापस लेने के महज तीन घंटे बाद ही अपना फैसला बदल दिया है। अब वह चुनाव आयोग द्वारा आवंटित नए अंतरिम सिंबल 'फुटबॉल खिलाड़ी' पर रेजीनगर सीट से चुनाव लड़ेंगे।
रबीउल आलम चुनाव आयोग द्वारा आवंटित नए अंतरिम सिंबल 'फुटबॉल खिलाड़ी' पर रेजीनगर सीट से चुनाव लड़ेंगे।
- Published: 19 Sep 2026, 03:11 PM IST
- Last Updated: 19 Sep 2026, 03:11 PM IST
पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। चुनाव आयोग द्वारा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आधिकारिक नाम और पुराने 'जोड़ा फूल' चुनाव चिह्न को फ्रीज किए जाने के बाद से दोनों गुटों में नए सिंबल को लेकर उथल-पुथल मची हुई थी। रेजीनगर से उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने शुरुआती हिचकिचाहट और भ्रम के बाद यह साफ कर दिया है कि वे मैदान से पीछे नहीं हटेंगे और ममता बनर्जी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे।
नामांकन वापसी के तीन घंटे बाद बदला फैसला
रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी गुट के प्रत्याशी रबीउल आलम चौधरी ने पहले अपना नामांकन वापस लेने का ऐलान किया था। उन्होंने नए चुनाव चिह्न के कारण मतदाताओं में पहचान की कमी और कार्यकर्ताओं पर दबाव जैसी वजहें बताई थीं। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत के बाद उन्होंने तीन घंटे के भीतर ही अपने फैसले को पलट दिया और कहा कि वे शनिवार से ही इलाके में चुनाव प्रचार शुरू कर देंगे।
'फुटबॉल खिलाड़ी' चिह्न पर लड़ेंगे चुनाव
चुनाव आयोग ने टीएमसी के दोनों धड़ों के बीच चल रहे विवाद को देखते हुए अंतरिम आदेश जारी किया था। इसके तहत ममता बनर्जी के गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नया नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। रबीउल आलम चौधरी ने स्पष्ट किया कि यद्यपि नया निशान जनता तक पहुंचाना एक चुनौती है, फिर भी वे इस 'फुटबॉल खिलाड़ी' चिह्न के साथ ही चुनावी मैदान में उतरेंगे।
नंदीग्राम में बदला सियासी गणित, कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन
दूसरी ओर, नंदीग्राम सीट पर भी बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला है। नंदीग्राम से ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान (डे) के चुनाव से हटने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने का फैसला किया। हालांकि, इसके तुरंत बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने एक पुराने मामले में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ्तार कर लिया, जिसको लेकर विपक्षी दलों और ममता बनर्जी ने राज्य की सत्तारूढ़ बीजेपी पर तीखा हमला बोला है।
चुनाव आयोग का फैसला और उपचुनाव की स्थिति
चुनाव आयोग ने टीएमसी के बागी गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'लिफाफा' सिंबल दिया है। दोनों धड़ों के अलग-अलग चुनाव लड़ने और नए सिंबलों के आने से आगामी 6 अक्टूबर के उपचुनाव और 9 अक्टूबर को आने वाले नतीजों पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।