मुंबई। मुंबई में पीएम मोदी (PM Modi) के कार्यक्रम स्थल के पास से दो संदिग्धों को पकड़ा गया है। आरोपी की उम्र 24 वर्ष है। वह खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी बता रहा था। जांच में उसके पास से बंदूक मिली है। उसने एक बॉडीगार्ड भी रख रखा था। मुंबई क्राइम ब्रांच (Mumbai Crime Branch) ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पढ़ें :- सांसद संजय सिंह, बोले-बेईमानों ने श्मशान घाट तक को नहीं बख्शा, अल्टीमेटम के बाद जागा प्रशासन, मरम्मत कार्य शुरूमुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने बताया कि दो लोगों को उस जगह से हिरासत में लिया गया है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को एक कार्यक्रम में शामिल होना था। इनमें से एक व्यक्ति के पास बंदूक मिली है। मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने बीकेसी (BKC) स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (Nita Mukesh Ambani Cultural Centre) से शख्स को हिरासत में लिया है। वह खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (Prime Minister’s Office) का अधिकारी बता रहा था। उसकी उम्र 24 साल बताई जा रही है। उसके साथ एक बॉडीगार्ड भी था। जिसके पास बंदूक थी। मुंबई क्राइम ब्रांच (Mumbai Crime Branch) मामले की जांच कर रही है।
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में शामिल होंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को मुंबई पहुंचेंगे। वह शाम करीब 5:45 बजे ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026 का उद्घाटन करेंगे। फिनटेक क्षेत्र के इस प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजन का सातवां संस्करण 8 से 11 सितंबर तक मुंबई में आयोजित किया जा रहा है।
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट की शुरुआत 2020 में हुई थी। बीते वर्षों में यह वित्तीय तकनीक और डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर वैश्विक स्तर पर चर्चा का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। इसमें नीति निर्माता, नियामक, केंद्रीय बैंक, वित्तीय संस्थान, फिनटेक और प्रौद्योगिकी कंपनियां, निवेशक, शिक्षाविद और अन्य विशेषज्ञ एक मंच पर आते हैं।
पढ़ें :- Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग गिरी, हादसे में 40-50 छात्र के फंसे होने की संभावना, सीएम ने लिया संज्ञानजीएफएफ 2026 का उद्देश्य क्या है?
इस वर्ष सम्मेलन को नीति, नियमन, तकनीक, पूंजी और उद्योग के बीच सहयोग के साझा मंच के रूप में विकसित किया गया है। आयोजन के जरिए डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में भारत की स्थिति को और मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही नई तकनीकों की संभावनाओं को व्यावहारिक और व्यापक प्रभाव में बदलने के तरीकों पर चर्चा होगी।
किन तकनीकों पर रहेगा विशेष जोर?
सम्मेलन में वित्तीय क्षेत्र में तेजी से उभर रही तकनीकों और उनके संभावित प्रभाव पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। इनमें खास तौर पर एजेंटिक एआई, प्रोग्रामेबल फाइनेंस और क्वांटम तकनीक शामिल हैं। चर्चा का मुख्य सवाल यह होगा कि इन तकनीकों का इस्तेमाल किस तरह नागरिकों, कारोबारों और पूरी अर्थव्यवस्थाओं के लिए अधिक भरोसेमंद, समावेशी और वास्तविक लाभ देने वाली वित्तीय सेवाएं विकसित करने में किया जा सकता है।
क्या है इस साल के सम्मेलन की थीम?
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 की थीम “पोटेंशियल टू इम्पैक्ट: एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन, क्वांटम-ट्रस्टेड, कनेक्टेड, ग्लोबल सिस्टम्स फॉर इन्क्लूसिव फाइनेंस” रखी गई है। थीम से स्पष्ट है कि इस बार चर्चा केवल नई तकनीकों के विकास तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनके व्यावहारिक इस्तेमाल और वित्तीय समावेशन पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी ध्यान दिया जाएगा।
सम्मेलन में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
कार्यक्रम के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्रोग्रामेबल फाइनेंस, क्वांटम तकनीक, डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवाओं के बदलते स्वरूप जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा नई तकनीकों को वित्तीय व्यवस्था में शामिल करने से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर भी विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।
भारत के लिए जीएफएफ 2026 क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत ने डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में बीते वर्षों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई), डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और देश में विकसित फिनटेक समाधानों ने भारत को वैश्विक स्तर पर अलग पहचान दिलाई है।
जीएफएफ 2026 में इन पहलों से मिली सीख और उपलब्धियों को आगे बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा होगी। खासतौर पर यह समझने पर जोर रहेगा कि डिजिटल वित्तीय सेवाओं का दायरा कैसे बढ़ाया जाए और नई तकनीकों के जरिए ज्यादा लोगों तक सुरक्षित और प्रभावी वित्तीय सेवाएं कैसे पहुंचाई जाएं।
जीएफएफ किस तरह का मंच बन चुका है?
2020 में शुरुआत के बाद ग्लोबल फिनटेक फेस्ट लगातार विस्तार करते हुए वित्तीय नवाचार, डिजिटल भुगतान और वित्त के भविष्य पर वैश्विक संवाद का प्रमुख मंच बन गया है। अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों की भागीदारी के कारण यहां नीति और तकनीक से जुड़े विचारों के साथ उद्योग की व्यावहारिक जरूरतों पर भी चर्चा होती है। इस वर्ष भी आयोजन का लक्ष्य विभिन्न क्षेत्रों को साथ लाकर ऐसी वित्तीय व्यवस्था की संभावनाओं पर विचार करना है, जो तकनीकी रूप से उन्नत होने के साथ भरोसेमंद और समावेशी भी हो।