‘आप दुनिया के हीरो’,नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित व PM मोदी को क्यों भेजा इजराइल आने का न्योता? करेंगे ये बड़ा काम

Published on 4 अक्टू॰ 2026

Time Published: Sunday, October 4, 2026, 7:15 [IST]

फ्लाईदुबई विमान में आतंकी हमले को नाकाम कर 170 से ज्यादा यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद कैप्टन स्मित से फोन पर बात की और उनकी सूझबूझ की तारीफ की।

नेतन्याहू ने एक कूटनीतिक कदम उठाते हुए कैप्टन स्मित मच्छर और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजराइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का खास न्योता दिया है। दोनों नेता और कैप्टन वहां मुख्य समारोह में 'मशाल (Flame)' प्रज्वलित करेंगे। आमतौर पर यह सम्मान केवल इजराइली नागरिकों को ही दिया जाता है।

Captain Smit Machchhar benjamin netanyahu

कैप्टन स्मित मच्छर और नेतन्याहू के बीच क्या हुई बातचीत?

कैप्टन स्मित मच्छर ने नेतन्याहू को बताया कि उड़ान बिल्कुल सामान्य चल रही थी। तभी उनके को-पायलट ने नमाज पढ़ने की बात कही, जो वहां के क्रू मेंबर्स के लिए आम बात है। पेशेवर शिष्टाचार के नाते कैप्टन का ध्यान सामने की तरफ ही रहा। लेकिन करीब 4-5 मिनट बाद ही उनके सिर के पिछले हिस्से पर किसी भारी चीज से जोरदार वार हुआ।

शुरुआत में कैप्टन को लगा कि शायद प्लेन में कोई तकनीकी खराबी हुई है। लेकिन जल्द ही उन्हें समझ आ गया कि कॉकपिट के अंदर उन पर जानलेवा हमला हुआ है। हमलावर के लगातार वार करने से कैप्टन का सिर चकराने लगा और आंखों के आगे अंधेरा छाने लगा। इसी बीच प्लेन तेजी से नीचे गिरने लगा था।

फर्श पर पड़े-पड़े जुटाई ताकत और खोला कॉकपिट का दरवाजा

कॉकपिट के फर्श पर गंभीर रूप से घायल पड़े होने के बावजूद कैप्टन को अहसास हुआ कि अगर दरवाजा नहीं खुला तो विमान का क्रैश होना तय है। कैप्टन स्मित ने कहा,

''मेरे अंदर बस आखिरी सांस की लड़ाई बची थी। मैंने खुद से कहा कि अगर अभी कुछ नहीं किया तो मैं मर जाऊंगा। मैंने अपनी पूरी ताकत झोंकी और दरवाजे की तरफ बढ़कर उसका नॉब घुमा दिया।"

जब नेतन्याहू ने पूछा कि कॉकपिट का सुरक्षित लॉक कैसे खुला? तो कैप्टन ने समझाया कि बाहर से आने के लिए सिक्योरिटी कोड चाहिए होता है। लेकिन अंदर से दरवाजा खोलने के लिए सिर्फ एक सिंपल नॉब को घुमाना पड़ता है। जैसे ही कैप्टन ने नॉब घुमाया, बाहर मौजूद क्रू मेंबर्स और यात्रियों ने तुरंत अंदर घुसकर हमलावर को-पायलट को दबोच लिया।

नेतन्याहू बोले- 'आप भारत के ही नहीं, पूरी दुनिया के हीरो हैं'

इजराइली प्रधानमंत्री ने कैप्टन के इस अदम्य साहस के प्रति गहरा आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस कदम ने न सिर्फ 170 जिंदगियां बचाईं बल्कि पूरी दुनिया को एक नई उम्मीद दी है। नेतन्याहू ने कहा,

"आपने ढेरों जानें बचाई हैं। आपने दुनिया को दिखाया कि एक बहादुर पायलट और जांबाज मुसाफिर मिलकर बुराई को हरा सकते हैं। आप इजराइल के हीरो हैं, भारत के हीरो हैं और पूरी दुनिया के हीरो हैं।"

इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर कैप्टन मच्छर और PM मोदी को खास सम्मान

इसके बाद नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छर और पीएम मोदी को इजराइल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में साथ शामिल होने का न्योता दिया। उन्होंने दोनों से समारोह में जश्न की लौ जलाने की इच्छा जताई। नेतन्याहू ने कहा कि यह सम्मान आम तौर पर इजराइल के नागरिकों के लिए रखा जाता है, लेकिन मच्छर के मामले में देश उन्हें अपने परिवार का हिस्सा मानता है।

यह निमंत्रण सिर्फ एक औपचारिक सम्मान नहीं है। जिस विमान में जानलेवा संकट पैदा हुआ, उसी घटना में भारतीय पायलट की सूझबूझ ने यात्रियों को बचाने में अहम भूमिका निभाई। अब इजराइल उसी साहस को अपने राष्ट्रीय समारोह में सम्मान देने की तैयारी कर रहा है। कैप्टन मच्छर के पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना के साथ नेतन्याहू ने उन्हें जल्द इजराइल आने की उम्मीद भी जताई।