PhD : इंडस्ट्री के साथ पीएचडी का मौका, 5 साल तक 60 से 70 हजार रु, एक साथ 10 लाख की राशि अलग से

Published on 5 सित॰ 2026

Sep 05, 2026 11:18 am ISTलाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली, विशेष संवाददाता

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इस पीएचडी में पहले 3 साल हर महीने 60 हजार रुपए और आखिरी 2 साल 70 हजार रुपए महीना मिलेंगे। इसके अलावा रिसर्च एरिया के सामान और अन्य शोध कार्यों के लिए एकमुश्त 10 लाख रुपए दिए जाएंगे।

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पीएचडी

देश में पहली बार स्टार्टअप और इंडस्ट्री के साथ पीएचडी करने का मौका मिलेगा। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने देश में नवाचार आधारित शोध को बढ़ावा देने के लिए नवाचार एवं उद्यमिता डॉक्टोरल फेलोशिप कार्यक्रम (एआईईडीएफपी) को मंजूरी दी है। पांच वर्षों के इस कार्यक्रम के लिए 245 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। इसके तहत 150 पीएचडी फेलोशिप प्रदान की जाएंगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समस्या-आधारित और अनुप्रयोग-केंद्रित शोध को प्रोत्साहित करते हुए उसे वास्तविक जीवन की जरूरतों और औद्योगिक चुनौतियों से जोड़ना है।

नवाचार, उद्यमिता, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, व्यावसायीकरण और सामाजिक प्रभाव की संभावनाओं वाले शोध को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रौद्योगिकी के साथ-साथ गैर-तकनीकी क्षेत्रों में भी बहुविषयक और अंतर्विषयक शोध को बढ़ावा मिलेगा।

पांच वर्ष तक आर्थिक सहायता, एक साथ 10 लाख अलग से

चयनित शोधार्थियों को अधिकतम पांच वर्षों तक वित्तीय सहायता मिलेगी। पहले तीन वर्षों में 60 हजार रुपये प्रतिमाह और अगले दो वर्षों में 70 हजार रुपये प्रतिमाह फेलोशिप दी जाएगी। नियमानुसार एचआरए भी मिलेगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक शोधार्थी को प्रोटोटाइप, परीक्षण, क्षेत्रीय परीक्षण, डाटा संग्रह और अन्य नवाचार गतिविधियों के लिए 10 लाख रुपये तक का नवाचार अनुदान मिल सकेगा।

उद्योग-अकादमिक सहयोग पर जोर

कार्यक्रम में उद्योग, स्टार्टअप, शोध संस्थानों और इनक्यूबेटरों की भागीदारी से शोधार्थियों को व्यावहारिक समस्याओं पर काम करने का अवसर मिलेगा। छह से 12 माह के वैकल्पिक औद्योगिक अनुभव के माध्यम से शोधार्थी अनुसंधान एवं विकास, प्रोटोटाइप निर्माण, परीक्षण और सत्यापन जैसी गतिविधियों में भाग ले सकेंगे। कार्यक्रम से पेटेंट, प्रोटोटाइप, तकनीकी हस्तांतरण, स्टार्टअप व बाजार-उपयोगी नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

NIRF टॉप-150 कॉलेजों को मौका

NIRF की टॉप-150 रैंकिंग वाले कॉलेज, इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस और पर्याप्त रिसर्च सुविधाओं वाले संस्थान इस पीएचडी प्रोग्राम में पढ़ाई करा सकेंगे। इससे स्टार्टअप और इंडस्ट्री के साथ पीएचडी, रोजगार के अवसर बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश में इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप पर आधारित अकादमिक माहौल बनाना है।

6 से 12 माह तक के औद्योगिक अनुभव का भी प्रावधान

इस कार्यक्रम में 6 से 12 माह तक के वैकल्पिक औद्योगिक अनुभव का भी प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से शोधार्थियों को साझेदार संस्थानों में अनुसंधान एवं विकास, प्रोटोटाइप निर्माण, परीक्षण, सत्यापन, क्षेत्रीय परीक्षण और आंकड़ा संग्रह जैसी गतिविधियों में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेने का अवसर मिल सकेगा। ऐसे सहयोग से शोध परिणामों के सत्यापन और उनके वास्तविक उपयोग का मार्ग प्रशस्त होगा तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, व्यावसायीकरण और उद्यमिता के लिए नए अवसर विकसित होंगे।

एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम उच्च शिक्षण संस्थानों में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप शोध को बढ़ावा देने, उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण एवं व्यावसायीकरण को गति देने तथा बौद्धिक संपदा आधारित उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।

लेखक के बारे में

Pankaj Vijay

पंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार

शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।

15 से अधिक सालों का अनुभव

पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि

भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।

विजन

तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।

विशेषज्ञता

तमाम तरह की सरकारी भर्तियां, परीक्षाएं व उनके परिणाम
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