Petrol Diesel Price: भारत में फिर महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? जंग शुरु होते ही उछला कच्चा तेल, क्या हैं ऑप्शन?

Published on 13 जुल॰ 2026

Time Published: Monday, July 13, 2026, 15:00 [IST]

Petrol Diesel Price: मिडिल ईस्ट में चल रही टेंशन अब बिल्कुल नेक्स्ट लेवल पर पहुंच गई है। अमेरिका के नए हमलों के बाद ईरान ने अपनी मिलिट्री कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए खाड़ी देशों पर भी धावा बोल दिया। इस बड़े हमले के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से होने वाली ग्लोबल एनर्जी सप्लाई रुकने का खतरा पैदा हो गया है, जिस्से इंटरनेशनल मार्केट में हड़कंप मच गया है। इसका नतीजा ये हुआ कि ग्लोबल ऑयल प्राइसेस में 3 फीसदी से ज्यादा की भारी तेजी देखने को मिली है। भारत में इसका क्या असर होगा, समझेंगे।

सोमवार को मार्केट खुलते ही कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल देखा गया। सितंबर डिलीवरी वाले ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत $2.46 यानी 3.24% बढ़कर $78.47 प्रति बैरल पर पहुंच गई। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत भी $2.36 यानी 3.30% की बढ़त के साथ $73.77 प्रति बैरल पर ट्रेड करने लगी। तेल की कीमतों में यह स्पाइक दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बड़ा अलार्म है। सुनने में भली ही 3% लगे लेकिन यह बहुत बड़ा अमाउंट होता है।

Petrol Diesel Price

ईरान ने भी दागे गोले, किन-किन देशों पर किया हमला?

तेल की कीमतों में यह उछाल तब आया जब तेहरान ने वीकेंड पर अपना मिलिट्री रिस्पॉन्स और आक्रामक कर दिया। अमेरिका द्वारा ईरानी ठिकानों पर की गई ताज़ा बमबारी के बाद, ईरान ने कतर और UAE पर भी हमले लॉन्च कर दिए। इस बड़े कदम से अब इस बात का डर सताने लगा है कि खाड़ी देशों से होने वाला ऑयल एक्सपोर्ट पूरी तरह ठप हो सकता है और कमर्शियल शिप्स भी खतरे मे पड़ सकते हैं, जिससे धंधा बैठ सकता है।

क्यों जरूरी है हॉर्मुज?

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को पूरी दुनिया के एनर्जी ट्रांजिट का सबसे अहम रूट माना जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाले कुल तेल का लगभग पांचवां हिस्सा इसी पतले से समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। बड़े खाड़ी देशों से निकलने वाला क्रूड ऑयल और LNG इसी कॉरिडोर से पूरी दुनिया में भेजे जाते है। यही वजह है कि यहां होने वाली किसी भी हलचल पर पूरी दुनिया की नजर रहती है। यहां हमला होना कुछ हद तक वैसा ही है जैसे किसी इंसान की गर्दन पर हमला कर सब कुछ बंद कर देना।

5 हफ्तों के सबसे निचले स्तर पर ट्रैफिक

एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का कहना है कि इस समुद्री रास्ते से कमर्शियल जहाजों की आवाजाही अभी भी जारी है। वहीं, ईरान ने पहले ही दावा कर दिया था कि उसने एक प्रतिबंधित रास्ते पर चल रहे जहाज पर हमला करने के बाद इस रास्ते को बंद कर दिया है। इस बीच शिप-ट्रैकिंग डेटा फर्म केपलर के आंकड़े बताते हैं कि रविवार को इस रूट से सिर्फ 6 जहाजों ने पार किया, जो पिछले 5 हफ्तों मे सबसे कम डेली ट्रैफिक है।

भारत पर क्या होगा असर?

भारत पहले से ही ईरान अमेरिका युद्ध की मार झेल रहा है। यहां पर पेट्रोल के दाम जो युद्ध के पहले 94 रुपए प्रति लीटर के करीब थे वे अब 102 रुपए के पार चले गए हैं। जबकि डीजल जो 87 रुपए प्रति लीटर के करीब था वह अब 95 के पार चला गया है। ऐसे में अगर ये युद्ध लंबा खिंचता है और हॉर्मुज बंद रहता है तो भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों में उछाल देखने को मिल सकता है।

साथ ही हालात वैसे ही बन सकते हैं जैसे मई 2026 में देखने को मिले थे। साथ ही विकल्प के तौर पर हम रूसी तेल और वेनेजुएला के तेल को देख सकते हैं। लेकिन रूसी तेल पर प्रतिबंध लगे होने के कारण उसे खरीदना आसान नहीं होगा।

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