धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से देश भर की राजनीति में भूचाल आ गया है! अब पंजाब, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना समेत कई राज्यों के शिक्षा मंत्रियों की कुर्सी पर खतरा मँडरा रहा है। हाई-टेक नकल, पर्चा लीक और करोड़ों की धांधली के नए खुलासों ने लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है।
अब विभिन्न छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने पंजाब, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और झारखंड के शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है।
- Published: 27 Jul 2026, 03:16 PM IST
- Last Updated: 27 Jul 2026, 04:44 PM IST
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ते ही देश भर में भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर उग्र रूप धारण कर चुका है। अब विभिन्न छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने पंजाब, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और झारखंड के शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है।
प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब केंद्रीय स्तर पर जवाबदेही तय हो सकती है, तो इन राज्यों में धांधली के आरोपी मंत्रियों को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
पंजाब में फार्मेसी और ADO भर्ती पर भारी बवाल, 35 लोग गिरफ्तार
पंजाब में आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार दो बड़ी भर्ती परीक्षाओं- 'फार्मेसी ऑफिसर भर्ती' और 'कृषि विकास अधिकारी (ADO) भर्ती' में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष के निशाने पर आ गई है। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) द्वारा आयोजित 454 फार्मेसी अफसरों की भर्ती परीक्षा के दौरान स्पेशल काउंटर इंटेलिजेंस और पुलिस फ्लाइंग स्क्वाड ने फरीदकोट, फिरोजपुर और कोट कपूरा के सेंटरों पर छापेमारी की।
जांच में सामने आया कि अभ्यर्थी पगड़ी, जुराबों और अंडरगारमेंट्स में वायरलेस ब्लूटूथ डिवाइस और बटन छिपाकर लाए थे, जबकि पेन कैमरे से प्रश्नपत्र स्कैन कर व्हाट्सएप पर बाहर भेजा गया था।
गैंग प्रति कैंडिडेट 3.5 लाख से 13 लाख रुपये तक वसूल रहा था। मामले में 28 अभ्यर्थियों समेत 35 लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, PPSC द्वारा आयोजित ADO परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने के बाद मामले को दबाने के लिए असामान्य ग्रेस मार्क्स देने के आरोप लगे हैं। कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल ने इसे सिस्टम की नाकामी बताते हुए राज्य के स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
आंध्र प्रदेश: 'मेगा DSC-2025' में धांधली का आरोप, नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग
आंध्र प्रदेश में 'मेगा DSC-2025' शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया है। विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे और पूरे मामले की अदालत की निगरानी में सीबीआई (CBI) जांच की मांग उठाई है। पूर्व शिक्षा मंत्री आदिमुलापु सुरेश और YSRCP के छात्र विंग ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और गोपनीयता से समझौता किया गया है, जिससे लगभग 3.5 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
YSRCP का आरोप है कि प्रश्नपत्र तैयार करने और परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी एक ही एजेंसी को दी गई तथा पेपर अपलोड करने जैसे गोपनीय काम आउटसोर्स कर्मचारियों से कराए गए। इसके अलावा, परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ संदिग्ध लोगों द्वारा ही शीर्ष रैंक हासिल करने पर सवाल उठे हैं। पार्टी ने इस मामले के सैकड़ों दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और वीडियो राज्यपाल को सौंप दिए हैं।
तेलंगाना में 12,000 करोड़ की फीस बकाया पर बीजेपी का हमला
तेलंगाना में बीजेपी ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से शिक्षा विभाग का प्रभार छोड़ने और इस्तीफा देने की मांग की है। तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने कहा कि राज्य सरकार अगर विद्यार्थियों की ट्यूशन फीस री-इंबर्समेंट योजना के तहत लंबित 12,000 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं कर पा रही है, तो मुख्यमंत्री को यह विभाग अपने पास रखने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा नीट पेपर लीक मामले को लेकर हैदराबाद में निकाली गई रैली पर भी सवाल उठाए और चेतावनी दी कि अगर करीब 20 लाख छात्रों से जुड़े इस लंबे बकाये का तुरंत निपटारा नहीं किया गया, तो सरकार को उग्र जन-विरोध का सामना करना पड़ेगा।
लखनऊ में छात्रों का प्रदर्शन, राज्यों के मंत्रियों की जवाबदेही तय करने पर अड़े
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विश्वविद्यालय के छात्रों ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शी व्यवस्था लागू करना और धांधली रोकने में नाकाम रहने वाले राज्य मंत्रियों को बर्खास्त किया जाए। छात्रों का तर्क है कि पेपर लीक का मुद्दा किसी एक राज्य या एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की शिक्षा प्रणाली का संकट बन चुका है।