लाइफस्टाइल
- Authored by: सुनीत सिंह
- Updated Jul 22, 2026, 04:31 PM IST
बतौर प्रोफेशनल इस बात को हमेशा याद रखें कि हर बात सच हो सकती है, लेकिन हर सच को कहने का एक सही समय और सही तरीका भी होता है।
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बॉस ये ऐसी 5 बातें बोलना पड़ सकता है भारी (Photo: iStock)
Things you should never tell your Boss: ऑफिस में आपकी मेहनत, समय पर काम पूरा करना और अच्छी स्किल्स जितनी जरूरी हैं, उतना ही अहम है आपका कम्युनिकेशन। कई बार बतौर एम्प्लॉयी हम शानदार काम करते हैं, लेकिन जुबान से निकली गलत बात हमारी पूरी प्रोफेशनल छवि को नुकसान पहुंचा देती है। खासकर जब बात बॉस से बातचीत की हो, तो शब्दों का चुनाव बहुत सोच-समझकर करना चाहिए।
वर्कप्लेस एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कुछ बातें ऐसी होती हैं, जिन्हें भले ही आप सच मानते हों, लेकिन उन्हें सीधे बॉस से कहना आपके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। आइए जानते हैं ऐसी पांच बातें, जिनसे बचना ही बेहतर है:
1. ये मेरा काम नहीं है
हर नौकरी की एक तय भूमिका होती है, लेकिन कभी-कभी टीम के हित में अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती हैं। अगर हर बार किसी नए काम पर आपका जवाब यही हो कि, ये तो मेरी जॉब प्रोफाइल में नहीं है, तो बॉस को लग सकता है कि आप टीम प्लेयर नहीं हैं।
2. मुझे फर्क नहीं पड़ता
किसी प्रोजेक्ट, मीटिंग या फैसले पर मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता जैसा जवाब आपकी उदासीनता दिखाता है। इससे यह संदेश जाता है कि आप कंपनी या टीम के लक्ष्यों में रुचि नहीं रखते। अगर आपकी कोई खास राय नहीं है, तो बेहतर होगा कि आप कहें - मुझे दोनों विकल्प ठीक लगते हैं, लेकिन टीम के लिए जो बेहतर हो, वही सही रहेगा।
3. ये मेरी गलती नहीं थी
गलती होने पर तुरंत बचाव की मुद्रा में आ जाना भी अच्छा प्रभाव नहीं छोड़ता। प्रोफेशनल माहौल में जिम्मेदारी लेने वाले कर्मचारियों पर ज्यादा भरोसा किया जाता है। अगर किसी प्रोजेक्ट में आपकी भी भूमिका रही है, तो पहले स्थिति को स्वीकार करें और फिर समाधान पर बात करें। उ
4. पिछले बॉस तो इससे बेहतर थे
नए ऑफिस में पुराने मैनेजर की तारीफ करना या दोनों की तुलना करना अकसर नकारात्मक संदेश देता है। इससे लगता है कि आप वर्तमान माहौल को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। अगर आपको किसी पुराने सिस्टम की कोई अच्छी बात साझा करनी है, तो तुलना करने के बजाय सुझाव के रूप में रखें।
5. मैं तो बस सैलरी के लिए काम करता हूं
हर व्यक्ति नौकरी पैसे कमाने के लिए करता है, लेकिन अगर आप बार-बार यही बात दोहराते हैं, तो इससे आपकी प्रोफेशनल कमिटमेंट पर सवाल उठ सकते हैं। कंपनियां ऐसे कर्मचारियों को महत्व देती हैं, जो सीखने, योगदान देने और आगे बढ़ने की इच्छा रखते हों। इसका मतलब यह नहीं कि आपको ओवरवर्क करना चाहिए, बल्कि यह दिखाना जरूरी है कि आप अपने काम को गंभीरता से लेते हैं।
अच्छी बातचीत भी एक प्रोफेशनल स्किल है
करियर सिर्फ आपकी तकनीकी योग्यता से नहीं बनता। इस बात से भी तय होता है कि आप लोगों के साथ कैसे संवाद करते हैं। सम्मानजनक भाषा, जिम्मेदारी लेने की आदत और समाधान-केंद्रित सोच आपको बॉस की नजर में भरोसेमंद बनाती है।
बतौर प्रोफेशनल इस बात को हमेशा याद रखें कि हर बात सच हो सकती है, लेकिन हर सच को कहने का एक सही समय और सही तरीका भी होता है। यही समझ एक अच्छे कर्मचारी को बेहतरीन प्रोफेशनल बनाती है।
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सुनीत सिंहauthor
सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।
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