ODI के बिना क्रिकेट की कल्पना करना भी मुश्किल, साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर ने दिया बड़ा बयान

Published on 11 अग॰ 2026

Aug 11, 2026 08:49 pm ISTमुंबई, 11 अगस्त (भाषा)

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दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स ने कहा है कि वनडे फॉर्मेट के बिना क्रिकेट की कल्पना करना मुश्किल है। हालांकि, उन्होंने यह संभावना जरूर जताई कि भविष्य में द्विपक्षीय ODI सीरीज कम हो सकती हैं।

Jonty Rhodes

जॉटी रोड्स ईटीपीएल जर्सी लॉन्च में

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स ने कहा है कि भविष्य में द्विपक्षीय एकदिवसीय शृंखलाओं की संख्या कम हो सकती है लेकिन 50 ओवर के प्रारूप के बिना क्रिकेट की कल्पना करना मुश्किल है।

रोड्स का मानना है कि प्रारूप चाहे कोई भी हो प्रशंसक अपनी टीम का समर्थन करने के लिए मैदान पर आते रहेंगे। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि आने वाले वर्षों में 50 ओवर के क्रिकेट को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। रोड्स ने मंगलवार को मुंबई में यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) की टीम रॉटरडैम डॉकर्स की जर्सी के लॉन्च के दौरान मीडिया से कहा, ''जब टी20 क्रिकेट शुरू हुआ था तब लोग कह रहे थे कि यह टेस्ट क्रिकेट पर दबाव डालेगा और हैरानी की बात है कि ऐसा नहीं हुआ। कुछ टेस्ट मैच में भी कई बार टी20 जैसा क्रिकेट देखने को मिलता है, जिसमें आक्रामक बल्लेबाजी और गेंदबाजी होती है।''

रोड्स के सह स्वामित्व वाली रॉटरडैम डॉकर्स ईटीपीएल के पहले सत्र में हिस्सा लेगी। टूर्नामेंट का आयोजन नीदरलैंड के वूरबर्ग और डबलिन में 26 अगस्त से 20 सितंबर तक किया जाएगा। उन्होंने कहा, ''मेरे लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि 50 ओवर का क्रिकेट शायद ऐसा प्रारूप है जो आने वाले वर्षों में मुश्किल में पड़ सकता है क्योंकि इसमें एक नया दर्शक वर्ग और खेल के प्रति अलग नजरिया देखने को मिलता है।'' रोड्स ने कहा, ''हम भाग्यशाली हैं कि 50 ओवर के क्रिकेट के पास ऐसे जुनूनी प्रशंसक हैं जो प्रारूप या संस्करण की परवाह किए बिना अपनी टीम का समर्थन करते हैं।'' उन्होंने कहा, ''फिलहाल मुझे लगता है कि द्विपक्षीय शृंखला कम होती जाएंगी लेकिन 50 ओवर के क्रिकेट के बिना क्रिकेट की कल्पना करना बहुत मुश्किल है।''

T-20 लीग्स जल्दी संन्यास के लिए कर सकती हैं प्रेरित

रोड्स ने कहा कि दुनियाभर में टी20 लीग की बढ़ती संख्या खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपेक्षाकृत जल्दी संन्यास लेने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। उन्होंने कहा, ''हमने फीफा विश्व कप फुटबॉल में देखा है कि लोग अपने देश के लिए खेलने को लेकर कितने जुनूनी होते हैं। अक्सर ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन्हें अपने देश के लिए खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिलते। फीफा विश्व कप के साल को छोड़ दें तो ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय सितारे अपने क्लब और फ्रेंचाइजी के लिए खेलते हैं और क्रिकेट में भी ऐसा अधिक देखने को मिल सकता है।'' रोड्स ने कहा, ''क्रिकेट के तीन अलग-अलग प्रारूपों का दुनियाभर की फ्रेंचाइजी क्रिकेट से मुकाबला होने पर खिलाड़ी विकल्प चुनना शुरू करेंगे और इसका एक परिणाम यह हो सकता है कि वे अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत थोड़ा पहले कर दें।''