मनेन्द्रगढ़ में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के कथित बयान के विरोध में NSUI ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। संगठन ने मंत्री पर कार्यकर्ताओं को ‘दिमागी नक्सली’ कहने का आरोप लगाया है। NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में
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प्रदर्शन के दौरान कोतवाली परिसर में काफी देर तक नारेबाजी की गई। NSUI कार्यकर्ताओं ने मंत्री के कथित बयान को आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि इससे छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं की गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंची है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जनप्रतिनिधि और मंत्री पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा छात्रों और युवाओं के लिए इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है।

कांग्रेस नेताओं ने भी दिया समर्थन
प्रदर्शन में NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय के साथ पूर्व विधायक गुलाब कमरो, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव समेत NSUI और कांग्रेस के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर कथित बयान का विरोध किया और पुलिस प्रशासन के सामने अपनी मांग रखी।
पुलिस को सौंपा आवेदन
NSUI ने सिटी कोतवाली पुलिस को एक आवेदन भी दिया। इसमें कहा गया है कि यदि स्वास्थ्य मंत्री का कथित बयान गलत और आपत्तिजनक है, तो उनके खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
‘बयान सही है तो हमें गिरफ्तार करें’
NSUI ने पुलिस और स्वास्थ्य मंत्री के सामने चुनौती रखते हुए कहा कि यदि मंत्री अपने बयान को सही मानते हैं और NSUI कार्यकर्ताओं को ‘दिमागी नक्सली’ मानते हैं, तो प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जाए। इसी मांग को लेकर कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे और सामूहिक गिरफ्तारी देने की बात कही।

नीरज पांडेय बोले- कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए आवाज उठाते रहेंगे
NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने कहा कि संगठन अपने कार्यकर्ताओं के सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से अपने कथित बयान पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। पांडेय ने कहा कि यदि बयान गलत है तो मंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और यदि बयान सही है तो NSUI कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा- छात्रों की आवाज सुनी जाए
पूर्व विधायक गुलाब कमरो और कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव समेत मौजूद कांग्रेस नेताओं ने NSUI कार्यकर्ताओं के आंदोलन का समर्थन किया। नेताओं ने कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।