Nifty IT इंडेक्स क्यों 4% उछला: टीसीएस के शेयर में एक डील से 6 फीसदी की तेजी, आगे क्या होगा? - Haribhoomi

Published on 13 जुल॰ 2026

एबीबी के साथ मल्टी-मिलियन डॉलर की रणनीतिक डील के बाद टीसीएस के शेयरों में 6% की तेजी आई। कंपनी अब एबीबी के ग्लोबल नेटवर्क ऑपरेशंस को AI आधारित डिजिटल मॉडल से संचालित करेगी।

TCS shares price

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  • Published: 13 Jul 2026, 03:05 PM IST
  • Last Updated: 13 Jul 2026, 03:58 PM IST

देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर सोमवार को करीब 6 फीसदी तक उछल गए। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह स्विस टेक्नोलॉजी कंपनी एबीबी के साथ हुई मल्टी-मिलियन डॉलर और कई सालों की रणनीतिक डील रही। इस खबर के बाद निवेशकों ने टीसीएस के शेयरों में जमकर खरीदारी की, जिससे निफ्टी आईटी इंडेक्स भी करीब 4 फीसदी चढ़ गया।

दोपहर करीब 3 बजे टीसीएस का शेयर 2185 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले लगभग 6 फीसदी अधिक था। इस समझौते के तहत टीसीएस अब एबीबी के लिए केवल आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और एप्लिकेशन मैनेजमेंट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कंपनी की ग्लोबल नेटवर्क ऑपरेशंस को एंड-टू-एंड 'नेटवर्क-एज-ए-सर्विस' मॉडल के जरिए संचालित करेगी।

टीसीएस की एबीबी से हुई डील
TCS, एबीबी के 'फ्यूचर नेटवर्क मॉडल' कार्यक्रम के तहत उसके वैश्विक नेटवर्क को आधुनिक, सुरक्षित और AI-संचालित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलने का काम करेगी। इसके जरिए यूजर एक्सपीरियंस बेहतर होगा, ऑपरेशनल दक्षता बढ़ेगी, साइबर सुरक्षा मजबूत होगी और भविष्य की डिजिटल जरूरतों के लिए नेटवर्क तैयार किया जाएगा। कंपनी एबीबी के मल्टी-वेंडर नेटवर्क सिस्टम को भी यूनिफाइड और मानकीकृत तरीके से चलाएगी। 

टीसीएस का शेयर 6 फीसदी उछला
टीसीएस के प्रेसिडेंट (मैन्युफैक्चरिंग) अनुपम सिंघल ने कहा कि इस परियोजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को नेटवर्क ऑपरेशंस का अहम हिस्सा बनाया जाएगा। उनका कहना है कि कंपनी का लक्ष्य ऐसा स्मार्ट नेटवर्क तैयार करना है जो खुद सीख सके, परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल सके और लगातार बेहतर होता रहे। इससे नेटवर्क की विश्वसनीयता, सुरक्षा और स्केलेबिलिटी में भी सुधार होगा।

इस बड़ी डील के साथ ही टीसीएस ने संगठन में व्यापक नेतृत्व बदलाव की भी घोषणा की है। कंपनी ने अमेरिका के वेस्ट कोस्ट बाजार, सर्विस नाऊ, ट्रैवल एंड ट्रांसपोर्ट, एनर्जी एंड यूटिलिटी तथा ग्लोबल ऑटोनॉमस बिजनेस समेत5 नए बिजनेस ग्रुप बनाए हैं। साथ ही बैंकिंग, साइबर सिक्योरिटी, लाइफ साइंसेज, कम्युनिकेशन और मीडिया जैसे अहम क्षेत्रों में भी नए नेताओं की नियुक्ति की गई। 

कंपनी ने अपने सबसे बड़े कारोबार बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (BFSI) को अमेरिका में दो हिस्सों-यूएस वेस्ट और यूएस ईस्ट, में बांट दिया है। राकेश कुमार और मोहन वीतुरी इन दोनों इकाइयों की कमान संभालेंगे, जबकि मौजूदा प्रमुख सुशील वासुदेवन अब सीईओ को सीधे रिपोर्ट करने वाली रणनीतिक भूमिका निभाएंगे।

आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय आईटी इंडस्ट्री इस समय AI से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा। ऐसे में टीसीएस का यह कदम भविष्य की जरूरतों के हिसाब से खुद को तैयार करने की रणनीति का हिस्सा है। गौरतलब है कि कंपनी ने हाल ही में अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों में भी बेहतर प्रदर्शन किया था, जिसे बैंकिंग सेक्टर से बढ़े खर्च और रुपये की कमजोरी का फायदा मिला। 

इसके अलावा एचसीएल टेक और इंफोसिस के शेयरों में भी सोमवार को तेजी रही। ये दोनों कंपनियों के शेयर अपने 52 वीक हाई के स्तर से काफी नीचे चल रहे हैं। ऐसे में वैल्यूएशन के लिहाज से निवेशकों की नजर दिग्गज आईटी कंपनियों पर है और एक भी पॉजिटिव संकेत आईटी सेक्टर में नई तेजी की वजह बन रहा। 

(प्रियंका कुमारी)