सिविल हॉस्पिटल में गत दिनों सीटी स्कैन के नाम पर महिला से रेप का मामला सामने आया था। NHRC ने इस अमानवीय कृत्य पर स्वतः संज्ञान लिया। आने वाले दिनों में दोषी अधिकारियों और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
पानीपत के सरकारी अस्पताल में रेप और डेथ केस में NHRC ने हरियाणा के मुख्य सचिव और SP को नोटिस जारी किया।
- Published: 28 Aug 2026, 04:06 PM IST
- Last Updated: 28 Aug 2026, 04:06 PM IST
हरियाणा के पानीपत जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कड़ा संज्ञान लिया है। पानीपत के सिविल अस्पताल में इलाज कराने आई 57 वर्षीय पीड़िता के साथ सीटी स्कैन रूम में हुई दरिंदगी और बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत के मामले में आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। NHRC ने इस अमानवीय कृत्य पर स्वतः संज्ञान लेते हुए हरियाणा के मुख्य सचिव और पानीपत के पुलिस अधीक्षक (SP) को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
मानवाधिकार आयोग ने पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अगले 14 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपी जाए। आयोग ने अपनी टिप्पणी में कहा कि यदि मीडिया रिपोर्टों में सामने आए तथ्य सही साबित होते हैं, तो यह सीधे तौर पर मानवाधिकारों का बेहद गंभीर, दर्दनाक और शर्मनाक हनन है।
तेज दर्द के बाद अस्पताल आई थी महिला
परिजनों ने बताया कि पानीपत की एक स्थानीय कॉलोनी में रहने वाली 57 वर्षीय महिला को 16 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे शरीर में अचानक असहनीय दर्द महसूस हुआ। स्थिति बिगड़ती देख परिजन उन्हें तत्काल पानीपत सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने महिला की गंभीर हालत को देखते हुए एक्स-रे और सीटी स्कैन कराने का परामर्श दिया।
जब परिजन पीड़िता को सीटी स्कैन कक्ष में लेकर पहुंचे, तो वहां सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात राकेश नाम का कर्मचारी मौजूद था। आरोपी गार्ड ने परिजनों को चालाकी से कमरे के बाहर ही रोक दिया और महिला को जांच के बहाने अकेले कमरे के भीतर ले गया। उस समय वहां कोई भी अन्य डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित नहीं था।
सीटी स्कैन रूम में हैवानियत
पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई आधिकारिक शिकायत और सामने आए वीडियो में आपबीती सुनाते हुए आरोपी गार्ड की हैवानियत का पर्दाफाश किया। पीड़िता के अनुसार कमरे में अकेले पाते ही आरोपी ने उनके साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। जबरन उनके कपड़े उतारकर प्राइवेट पार्ट्स को बुरी तरह नोचा और विरोध करने पर दांतों से तीन-चार बार होंठों को बुरी तरह काट लिया।
पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि जब उन्होंने चिल्लाने की कोशिश की, तो आरोपी गार्ड ने उन्हें धमकी दी कि अगर आवाज बाहर गई या किसी को कुछ बताया, तो जान से मार देगा। आरोपी ने चेस्ट दबाते हुए निर्लज्जता से कहा कि तुम्हारा हार्ट का इलाज हो गया है।
आरोपी नौकरी से बर्खास्त, पीजीआई में इलाज के दौरान पीड़िता ने तोड़ा दम
घटना के तुरंत बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामला तूल पकड़ते ही पुलिस ने आरोपी सुरक्षा गार्ड के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को तुरंत प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त (टर्मिनेट) कर दिया।
दूसरी ओर, दरिंदगी की शिकार महिला की तबीयत अत्यधिक बिगड़ने के कारण उन्हें गंभीर हालत में पीजीआई (PGI) रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद से ही स्थानीय निवासियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में भारी रोष है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
पानीपत के इस केस ने सरकारी अस्पतालों में महिला मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीटी स्कैन जैसे संवेदनशील डायग्नोस्टिक रूम में किसी महिला स्वास्थ्यकर्मी या डॉक्टर का न होना और सुरक्षा गार्ड का मरीजों तक सीधा पहुंचना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
अब NHRC के कड़े रुख के बाद राज्य सरकार और हरियाणा पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। आयोग ने दो हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने का अल्टीमेटम दिया है, जिससे आने वाले दिनों में दोषी अधिकारियों और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।