
काठमांडू : नेपाल में आए सैलाब से हुई तबाही का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है। मृतकों का आंकड़ा 962 हो चुका है जबकि 4 हजार से ज्यादा लोग अभी-भी लापता हैं। इस बीच सैलाब से सबसे ज्यादा प्रभावित नुवाकोट में मलबे में दबे एक घर से 23 शव बरामद होने से हड़कंप मच गया। नुवाकोट के विदुर नगरपालिका स्थित बेत्रावती गांव में भोटेकोशी नदी की बाढ़ के मलबे में यह घर दब गया था। सभी शव तीर्थयात्रियों के होने की आशंका जताई जा रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
Rules Changing From September First: 1 सितंबर से बदलेंगे LPG, FD और ITR समेत कई नियम! जानें आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर
राहत और बचाव कार्य में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सर्च और रेस्क्यू के दौरान घर के एक कमरे से 21 शव, जबकि बाहर से 2 शव बरामद किए गए। 26 अगस्त को भोटेकोशी होते हुए त्रिशूली नदी में आई भीषण बाढ़ ने इस तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया था। पुलिस का अनुमान है कि बाढ़ आने के बाद कुछ लोग तीन मंजिल ऊपर जाकर अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वे बाढ़ की चपेट में आ गए। बरामद शवों की अभी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस को आशंका है कि ये तीर्थयात्री हो सकते हैं।
सैलाब से बचने के लिए ऊपरी मंजिल पर गए
नुवाकोट के एसपी विपिन रेग्मी ने कहा, “एक ही कमरे में 21 और बाहर 2 लोगों के शव मिले हैं। एक शव विदेशी नागरिक का जैसा दिखता है। शवों के साथ बैग भी मिले हैं। संभवतः ये गोसाईंकुंड जाने वाले यात्री हो सकते हैं।” उन्होंने बताया कि बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि लोग बचने के लिए घर की ऊपरी मंजिल पर चले गए थे। एसपी रेग्मी के अनुसार, शव छत के ठीक नीचे स्थित कमरे में मिले हैं। एक महिला का शव एक छोटी बच्ची को गोद में कसकर पकड़े हुए अवस्था में मिला है। आशंका है कि दोनों मां-बेटी हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि लोग बाढ़ से बचने के लिए भागकर एक जगह इकट्ठा हुए थे, लेकिन उसी दौरान पूरा ग्रुप सैलाब की चपेट में आकर दब गया। घर से निकाले गए 23 शवों में से 8 त्रिशूली अस्पताल ले जाए गए हैं। बाकी शव अभी भी घर की छत पर रखे हुए हैं। जिन्हें कुछ देर बाद ले जाया जाएगा।
उत्तरगया गांव में 350 छात्र लापता
रसुवा जिले के उत्तरगया गांव में करीब 350 छात्र लापता हैं जिनकी तलाश जारी है। वहीं त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में छठे दिन भी नहीं हो सका रेस्क्यू कार्य नहीं हो सका। इस प्रोजेक्ट पर करीब 40-42 इंजीनियर कार्यरत थे जिनका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। त्रिशूली 3B हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के 118 कर्मचारियों से भी संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है।
H1N1 Swine Flu Prevention: फेस्टिव सीजन में H1N1 से कैसे रहें सुरक्षित? डॉक्टर ने बताए बचाव के 4 जरूरी तरीके
नेपाल में भारतीय रेस्क्यू दल ने भी अपना अभियान तेज कर दिया है। जानकारी के मुताबिक भारतीय एक्सपर्ट टीम ने नेपाली सेना के साथ मिलकर खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बचाव कार्य जारी रखा। भारतीय रेस्क्यू दल ने रासुवा जिले के चिलीमे और लांगटांग दोनों जगहों पर टनल में फंसे कर्मचारियों के रेस्क्यू के प्रयासों में शुरुआती सफलता हासिल की है।