Nepal Flood LIVE: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से हाहाकार, अब तक 123 लोगों की मौत; 133 भारतीय भी लापता

Published on 26 अग॰ 2026

नेपाल-चीन बॉर्डर पर बाढ़ की वजह से हालात बिगड़ गए हैं। पहाड़ी देश में जल प्रलय हो रही है। अभी तक सैकड़ों लोगों के लापता होने की खबर है। इसमें मानसरोवर यात्रा पर गए 133 भारतीय लोग भी शामिल हैं।

Nepal Flood Live Updates: नेपाल-चीन बॉर्डर पर भीषण बाढ़ ने आतंक मचाया हुआ है। अभी तक इस घटना में बड़ी तदाद में लोगों के मारे जाने की आशंका बनी हुई है। सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अभी तक कुल 123 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सैंकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। इस पूरे घटनाक्रम के जो वीडियो सामने आ रहे हैं, वह किसी प्रलय की तरह लग रहे हैं। तिब्बत स्थित चीन-नेपाल सीमा के ग्यिरोंग चेक प्वाइंट का भी एक वीडियो सामने आया है, जहां पर पानी का बहाव इतना तेज था कि देखते ही देखते बहुमंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। इस बाढ़ ने नेपाल में भारी तबाही मचाई है।

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11:00PM- नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद हालात बिगड़ गए हैं। इसी बीच विश्व बैंक ने भी नेपाल को मदद की पेशकश की है। नेपाल के वित्त मंत्रालय ने बताया कि विश्व बैंक ने भी नेपाल में बचाव, राहत और प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए 25 अरब नेपाली रुपये की आपात वित्तीय सहायता देने की पेशकश की।

10:30PM-नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद दिल्ली में रह रहे नेपाली नागरिक बुधवार को अपने परिवार और दोस्तों से संपर्क करने के लिए दिनभर बेचैन रहे। हालांकि, उन्हें प्रभावित इलाकों से लोगों की मौत और लापता होने की खबरों के बीच स्थिति के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी। तिब्बत सीमा के पास मूसलाधार बारिश और भोटे कोशी नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण आई बाढ़ ने मध्य नेपाल के कुछ हिस्सों में भारी तबाही मचाई। इससे पुल, गांव और जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुईं और सैकड़ों लोग लापता हो गए।

इस आपदा के कारण दिल्ली में रह रहे नेपाली नागरिक भी अपने परिवार और रिश्तेदारों को लेकर चिंतित रहे। वे प्रभावित इलाकों में रह रहे लोगों से संपर्क स्थापित करने की लगातार कोशिश करते रहे। 'येति: द हिमालयन किचन' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रशांत सिंह ने कहा, "यह बेहद दुखद और चिंताजनक घटना है।"

10:15PM- नेपाल में बाढ़ की स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और फिलहाल राष्ट्रीय राजधानी से काठमांडू के बीच चलने वाली अंतरराष्ट्रीय बस सेवा में कोई व्यवधान नहीं है। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। बता दें, डीटीसी सप्ताह में तीन दिन दिल्ली गेट के पास स्थित अंबेडकर स्टेडियम टर्मिनल से दोनों राजधानियों के बीच बस सेवा संचालित करता है। बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ ने मध्य नेपाल के कई जिलों में तबाही मचा दी। बाढ़ में कम से कम 123 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 500 लोग लापता हैं, जिनमें 133 भारतीय शामिल हैं। परिवहन विभाग के अधिकारी ने बताया, "हम नेपाल में स्थिति पर नजर रख रहे हैं। फिलहाल दोनों देशों के बीच बस सेवा निलंबित नहीं की गई है और परिचालन सुचारू रूप से जारी है। स्थिति के आधार पर आगे के फैसले लिए जाएंगे।"

10:00PM- राजस्थान सरकार ने नेपाल के उत्तरी भूभाग स्थित रासुवा जिले में बाढ़ की आपदा के मद्देनजर सहायता एवं आवश्यक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राजस्थान आपदा प्रबंधन विभाग ने यह हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और नेपाल में यात्रा पर गए राजस्थान के किसी यात्री के संबंध में जानकारी अथवा सहायता की आवश्यकता होने पर परिजन द्वारा आपदा प्रबंधन विभाग के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के टोल फ्री नंबर 1070 एवं 112 तथा अन्य मोबाइल नंबर 0141-2851960, 0141-2385776, 0141-2385777, 0141-2227296, 0141-2927392 एवं 0141-2227603 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त आईपी. नंबर 28888 पर भी सूचना दी जा सकती है।

9:45PM- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों से बात कर दोनों राज्यों के निचले इलाकों में बाढ़ के खतरे को लेकर चर्चा की। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। केंद्र सरकार नेपाल में आई अचानक बाढ़ से उत्पन्न स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है। केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) द्वारा जारी परामर्श के अनुसार, नेपाल-चीन सीमा के निकट अचानक आई बाढ़ के कारण नेपाल में भारतीय सीमा से लगभग 160 किमी दूर फुरके खोला में त्रिशूली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। इस बाढ़ का असर भारत में गंडक नदी के निचले इलाकों में भी पड़ सकता है। आयोग ने कहा है कि नेपाल की ओर स्थित जलाशयों में जलस्तर कम हो रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि घबराने जैसी कोई स्थिति पैदा नहीं हुई है। इसने कहा, ''बाढ़ का असर भारत में गंडक नदी के निचले इलाकों तक पहुंचने की आशंका है।''

9:15PM- भारतीय दूतावास ने बुधवार को कहा कि वह तिब्बत सीमा के पास अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों को बचाने के लिए नेपाल सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। वहीं, काठमांडू ने राहत सामग्री और जरूरी मेडिकल सामग्री देने के लिए नयी दिल्ली का शुक्रिया अदा किया। अचानक आई बाढ़ से मध्य नेपाल में कई शहर और गांव तबाह हो गए, पुल बह गए और एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं ठप पड़ गईं। इस घटना में लगभग 100 लोगों की मौत हो गई और 133 भारतीय नागरिकों समेत 750 से ज़्यादा लोग लापता हैं। दूतावास ने एक बयान में कहा, ''भारतीय दूतावास, नेपाल में बुधवार को आई अचानक बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द बचाने और राहत पहुंचाने के लिए नेपाल के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।''

9:00PM- नेपाल की बाढ़ में लापता हुए 100 से ज्यादा भारतीयों की खोजबीन लगातार जारी है। नई दिल्ली की सीमा रौला ने बताया कि उनके भाई सुमित रौला और भाभी शुकाब्शी रौला भी नेपाल की बाढ़ में लापता हो गए हैं। सीमा ने बताया कि वह दोनों सिंगापुर के नागरिक है। उनके पास OCI कार्ड भी है। वह कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे थे। उन्होंने बताया, "हम चाहते हैं कि नेपाल एम्बेसी हमारी मदद करे। हम नेपाल में किसी से भी संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। वे तुमुर नाम के एक गाँव में थे, जो बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्हें आज बॉर्डर पार करना था।"

8: 45PM-भारत ने बढ़ाया नेपाल के लिए मदद का हाथ, भेजी राहत सामग्री

नेपाल इस समय बुरी तरह बाढ़ से प्रभावित है। ऐसे में भारत ने मदद के तौर पर राहत सामग्री भेजी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार की तरफ से नेपाल को 10 टन राहत सामग्री भेजी गई है। इसमें हाइजीन से जुड़े हुए सामान और दवाइयां शामिल है। इससे पहले पीएम मोदी ने भी ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी थी कि उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से बात की है और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।

8:30 PM- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ पर चिंता जताई और महराजगंज तथा कुशीनगर के जिला प्रशासन को किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में आई बाढ़ के कारण महराजगंज और कुशीनगर जिलों में गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने की आशंका है। राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान को गंभीर चिंता का विषय बताया और प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा और भलाई के लिए भगवान पशुपतिनाथ से प्रार्थना की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन को नदी के जलस्तर पर नजर रखने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया। महराजगंज में जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और गंडक नदी की चौबीसों घंटे निगरानी करने का आदेश दिया है, क्योंकि बहाव बढ़ने से निचले इलाकों पर असर पड़ सकता है।

8:15PM- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेपाल को भीषण बाढ़ की स्थिति से निपटने में भारत की ओर से हर संभव मानवीय सहायता पहुंचाने के आश्वासन के बाद भारतीय वायु सेना के रणनीतिक परिवहन बेड़े के विमान वहां प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत और बचाव सामग्री लेकर जाने के लिए तैयार हैं। भारत की ओर से यह कदम नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बुधवार को भोटे कोशी नदी में अचानक आयी विनाशकारी बाढ़ के बाद उठाया जा रहा है। बाढ और भूस्खलन के कारण 30 लोगों की मौत हो गयी, कई सौ लोग लापता हैं और बस्तियों तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान हुआ है।

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि वायु सेना का एक सी-130जे परिवहन विमान आज राहत सामग्री, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामान लेकर नेपाल के लिए उड़ान भर सकता है जबकि एक सी-17 विमान गुरुवार को उसके बाद रवाना होने वाला है।

8:00PM- नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार तड़के अचानक आयी बाढ़ के बाद तिब्बत स्थित कैलास मानसरोवर की यात्रा पर गये 93 नेपाली नागरिकों और बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालुओं सहित लगभग 400 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूटने की रिपोर्ट है।

ये तीर्थयात्री बुधवार को तिब्बत में प्रवेश करने वाले थे, तभी बाढ़ ने नेपाल-चीन सीमा पर रसुवागढ़ी के आसपास की सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचाया। टच कैलाश ट्रेवल्स एंड टूर्स के प्रबंध निदेशक बासु कुमार अधिकारी ने बताया कि 390 श्रद्धालुओं को सीमा पार करनी थी। 'काठमांडू पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, दोपहर तीन बजे तक इनमें से केवल कुछ ही लोगों से संपर्क हो सका था। ट्रेकिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ नेपाल के अध्यक्ष सागर पांडेय ने कहा कि श्रद्धालुओं से संपर्क साधने और उनकी स्थिति का आकलन करने के प्रयास जारी हैं।

7:45PM- नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में बुधवार सुबह आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर प्रारंभिक आकलन में बड़ा खुलासा हुआ है। काठमांडू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं जलवायु शोधकर्ता रिजन भक्त कायस्थ के अनुसार, प्रथम दृष्टया आशंका है कि हिमस्खलन और भूकम्प के कारण लेंडे नदी का मार्ग अवरुद्ध हुआ और उसके बाद अचानक पानी का दबाव बढ़ने से भोटेकोशी में भयावह बाढ़ आई। हालांकि, विशेषज्ञों और सरकारी एजेंसियों ने इसे अभी प्रारंभिक आकलन बताया है और वास्तविक कारण की पुष्टि के लिए विस्तृत अध्ययन जरूरी बताया है।

बाढ़ की इस विभीषिका ने गंडक नदी प्रभावित बिहार के क्षेत्रों को चिंतित कर रखा है। शासन और प्रशासन अलर्ट मुद्रा में आ गए हैं।

7:30PM- नेपाल की बाढ़ में अब तक 95 लोगों की मौत

नेपाल के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अभी तक इस बाढ़ की वजह से 95 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। अभी भी सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं।

7:00PM- नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार में अलर्ट, गंडक बैराज के 36 गेट खोले

बिहार सरकार ने पड़ोसी देश नेपाल के कई जिलों में बुधवार को अचानक आयी बाढ़ के बाद गंडक नदी में जलप्रवाह अचानक बढ़ने की आशंका को देखते हुए पूरे तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा है। स्थिति से निपटने के लिए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।