पड़ोसी देश नेपाल में मूसलाधार बारिश और भोटेकोशी-त्रिशूली नदी तंत्र में आए भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ के तेज बहाव में 11 हाइड्रो पावर प्लांट, 40 किलोमीटर से अधिक सड़कें, 19 मोटर पुल और 10 से अधिक बैंक व वित्तीय संस्थान बुरी तरह क्षतिग्रस्त या तबाह हो गए हैं। रसुवा और नुवाकोट जिलों में संचार और बिजली नेटवर्क पूरी तरह ठप हो गया है, जबकि 25 से ज्यादा टेलीकॉम साइट्स प्रभावित हुई हैं।
नेपाली सेना, पुलिस और राहत दल हेलिकॉप्टरों की मदद से युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रहे हैं।
- Published: 26 Aug 2026, 07:31 PM IST
- Last Updated: 26 Aug 2026, 07:31 PM IST
नेपाल के तिब्बत सीमा से सटे हिमालयी और तराई क्षेत्रों में अचानक आई प्रलयंकारी बाढ़ ने व्यापक स्तर पर जान-माल और सरकारी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। रसुवा जिले के स्याब्रुबेसी और तिमुरे समेत नुवाकोट के त्रिशूली नदी तटीय इलाकों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। बाढ़ का तेज बहाव अपने साथ सड़कें, पक्के पुल, रिहायशी बस्तियां और ऊर्जा परियोजनाओं को बहा ले गया, जिससे पर्वतीय इलाकों का राजधानी काठमांडू और अन्य प्रमुख शहरों से संपर्क पूरी तरह कट गया है।
11 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान, बिजली आपूर्ति ठप
नेपाल के ऊर्जा एवं जल संसाधन मंत्रालय के अनुसार, भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के किनारे स्थित लगभग 11 हाइड्रो पावर प्लांट्स और 25 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना के सब-स्टेशन को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
कई निर्माणाधीन और संचालित जलविद्युत परियोजनाओं के बांध, टनल और टरबाइन हाउस मलबे और गाद में दब गए हैं। ऊर्जा संयंत्रों के ठप होने से कई जिलों में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है।
40 किलोमीटर सड़कें और 19 पुल बहे, कई इलाके बने टापू
सड़क विभाग के उप महानिदेशक और प्रवक्ता शुभराज न्यौपाने के अनुसार, प्रारंभिक आकलन में कम से कम 19 मोटर वाहन पुल बह गए हैं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 40 किलोमीटर लंबे राजमार्ग और संपर्क मार्ग पूरी तरह कट चुके हैं।
सड़कें और पुल टूटने से प्रभावित गांवों तक राहत सामग्री और मेडिकल टीमों को पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। सड़क विभाग ने मलबे को हटाने और वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के लिए भारी मशीनरी और बुलडोजर तैनात किए हैं।
10 से अधिक बैंक और 25 टेलीकॉम साइट्स तबाह, बैंकिंग व संचार सेवाएं बंद
बाढ़ का पानी बाजारों और वाणिज्यिक केंद्रों में घुसने से 10 से अधिक बैंकों की शाखाओं, एटीएम और वित्तीय संस्थानों के दफ्तरों में पानी व कीचड़ भर गया, जिससे रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम बर्बाद हो गए हैं।
वहीं 25 से अधिक टेलीकॉम टावर और ऑप्टिकल फाइबर केबल क्षतिग्रस्त होने से संचार व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नेटवर्क न होने के कारण लोग अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं और आपदा प्रबंधन टीमों को भी समन्वय बनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सेना और हेलिकॉप्टरों से रेस्क्यू, खतरे वाले इलाकों से निकाले जा रहे लोग
आपदा की गंभीरता को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने आपातकालीन समीक्षा बैठक की और सेना, सशस्त्र पुलिस बल तथा प्रशासनिक अमले को राहत कार्य में झोंक दिया है।
त्रिशूली बाजार और रसुवा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दो सैन्य हेलिकॉप्टर तैनात कर फंसे हुए लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। नदी किनारे बसे निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सख्त चेतावनी जारी की गई है।